ज्ञानपुर। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर खड़ी ट्रकों व कंटेनरों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार ने हाईवे के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा को तलब करके जवाब मांगा है। उन्होंने परियोजना अधिकारी को पत्र जारी कर अवैध रूप से खड़े ट्रकों व कंटेनरों को हटाने के लिए होने वाले प्रयासों का भी जवाब देने को कहा है। अमर उजाला ने हाइवे पर खड़ी ट्रकों के कारण होने वाले हादसों को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इस पर भारत विकास परिषद के सचिव संजय श्रीवास्तव ने केंद्र सरकर को पत्र लिखा था।
जिले का वाराणसी-प्रयागराज हाईवे देश के सबसे व्यस्ततम हाईवे में से एक हैं। जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं भले ही 37 फीसदी तक कमी आई है, लेकिन अब भी जितनी दुर्घटनाएं होती हैं। उसमें लगभग 65 फीसदी घटनाएं हाईवे पर ही होती हैं। इस साल मई तक 55 सड़क हादसे हुए। जिसमें 39 लोगों की जान चली गई। वहीं 30 लोग घायल हुए हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं में 65 फीसदी हादसे हाईवे पर हुए। उसमें भी सबसे अधिक हादसे हाईवे पर खड़ी ट्रकों और कंटेनरों के कारण होती है। अमर उजाला ने खबर को आंकड़ों के साथ 13 जून के अंक में जिले में 65 फीसदी घटनाएं हाईवे पर, अवैध पार्किंग बड़ी समस्या...शीर्षक से प्रकाशित की थी।
दुर्घटना के पॉइंट हो रहे चिह्नित, ढाबों की भी बन रही लिस्ट
हाईवे प्राधिकरण के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़ों को निकालकर अधिक दुर्घटना वाले पॉइंट चिह्नित किये जा रहे हैं। इन स्थानों पर साइनेज के अलावा जागरूकता स्लोगन वाले बोर्ड लगाए जायेंगे। इसके साथ ही कंटेनरों और ट्रकों के कारण होने वाले हादसों को लेकर हाईवे किनारे मनमाने तरीके से बने ढाबों की लिस्ट तैयार की जा रही है, क्योंकि ढाबों के निर्माण के लिए बकायदा अनुमति लेने के साथ-साथ मानकों को पूरा करना होता है। मनमाने तरीके से जहां-तहां बने ढाबों के कारण ट्रक या कंटेनर चालक वहां खड़ा करते हैं। इनकी लिस्ट तैयार की जा रही है। इन्हें नोटिस भेजी जाएगी। हाईवे किनारे अगर कोई वाहन खड़ा भी हो रहे हैं तो उन्हें अपने इंडीकेटर चालू रखने का निर्देश है।