कोतवाली क्षेत्र के जगापुर गांव में शुक्रवार को शाम चार बजे ट्रांसफार्मर बनाते समय अचानक बिजली आपूर्ति होने से करंट की चपेट में आकर एक निजी लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया। लाइनमैन को आर्थिक मदद देने की मांग को लेकर नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र ज्ञानपुर पर जमकर तोड़फोड़ की। कई कागजात फाड़ने के साथ ही कुर्सियों को तोड़ दिया। पुलिस के समझाने के बाद ग्रामीणों ने दुर्गागंज तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे बाद लोगों ने जाम को समाप्त किया।
ज्ञानपुर से सटे मिल्की गांव निवासी बेढ़ई (40) पुत्र जगतंबा प्रसाद यादव गत डेढ़ दशक से ज्ञानपुर विद्युत उपकेंद्र में बतौर निजी लाइनमैन काम करता है। इलाके में होने वाली विद्युत खामियों को दुरुस्त करने के लिए उसे भेजा जाता था। शुक्रवार शाम चार बजे वह जगापुर स्थित एक ट्रांसफार्मर सही करने के लिए शटडाउन लेकर गया। आरोप है कि ट्रांसफार्मर को सही कर रहा था कि उसी दौरान उपकेंद्र पर तैनात एक कर्मचारी ने आपूर्ति को बिना पूछे बहाल कर दिया। इससे 11 हजार के करंट की चपेट में आने से बेढ़ई जलते हुए नीचे गिर गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाकर उसे ज्ञानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत चिंताजनक होने पर डाक्टरों ने वाराणसी रेफर कर दिया। निजी लाइनमैन की हालत खराब होने के बाद भी बिजली विभाग के एक भी अधिकारी देखने के लिए नहीं पहुंचे। बिजली विभाग की लापरवाही और मनमानी के खिलाफ लाइनमैन के गांव से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। वहां रखे कई बिल और अन्य कागजात को फाड़ने के साथ ही कुर्सियों को तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने वहां से लोगों को समझाकर हटाया हालांकि ग्रामीण दुुर्गागंज तिराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। शाम छह बजे से लगा जाम सात बजे तक चला। कोतवाली प्रभारी नवीन तिवारी ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता की। विभाग ने आर्थिक मदद का आश्वासन दिया तब जाम समाप्त हुआ।