ज्ञानपुर। कॉन्वेंट स्कूल संचालक महंगी फीस से अभिभावकों की जेब हल्की करेंगे। लॉकडाउन में भले ही सत्र का हवाला देकर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि इसके जरिए अप्रैल से लेकर जून तक फीस वसूली का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तीन मई तक देश में लॉकडाउन है। सभी लोग घरों में लॉक हैं। लॉकडाउन से पखवारे भर पूर्व से ही सभी स्कूल-कॉलेज बंद हो चुके हैं। बोर्ड की परीक्षाएं छोड़कर अन्य कक्षाओं के बच्चों को प्रमोट कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने स्कूल संचालकों को आगाह किया है कि फीस के लिए वह अभिभावकों पर दबाव न डालें, लेकिन इसका पालन जिले में प्रभावी होता है कि नहीं, यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों की जेब पर नजरें गड़ा दी है। तीन महीने मुफ्त की फीस लेने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। ऐसे में लॉकडाउन में परेशान अभिभावकों पर दोहरी मार पड़नी तय है। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक चौरसिया ने कहा कि अभी शासन से कोई पत्र नहीं आया है, लेकिन स्कूल संचालकों से फीस को लेकर राहत देने के लिए कहा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि शासन के गाइडलाइन के हिसाब से काम होगा।
नहीं समझ पाते 80 फीसदी बच्चे
ज्ञानपुर। लॉकडाउन में कॉन्वेंट स्कूल संचालक ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी है, जबकि ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ 70 से 80 फीसदी बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। उसके पीछे कारण है कि अधिकतर घरों में एक ही एंड्रायड मोबाइल है। बच्चों के पिता अगर मोबाइल लेकर खेत या अन्य स्थान पर चले जाते हैं तो उसमें आने वाले सवाल बच्चों को नहीं मिल पाता। तेज तर्रार बच्चे तो कुछ हद तक समझ जाते हैं, लेकिन कमजोर बच्चे इसका लाभ नहीं ले पाते। इसके अलावा कई बार आवाज में बाधा, शोर और नेटवर्क आदि की तकनीकी गड़बड़ी के चलते भी पढ़ाई बेमतलब हो जाती है।
फीस माफी के लिए उठ चुकी है आवाज
ज्ञानपुर। कॉन्वेंट संग अन्य शिक्षण संस्थानों में लॉकडाउन के कारण फीस माफी की आवाज उठाई जा चुकी है। छात्रनेता अखिलेश प्रकाश पाल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेश प्रकाश तिवारी आदि जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तीन माह की फीस माफी के लिए मांग कर चुके हैं। अब प्रशासन इसको लेकर क्या निर्णय लेता है यह आने वाला समय बताएगा।