बिजली विभाग के लचर रवैये से अभोली के 80 से अधिक गांवों में दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे बारिश में ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आटाचक्की, तेल पेराई से जुड़े कुटीर उद्योग प्रभावित हो गए हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए ग्रामीणों को पांच किमी दूर जाना पड़ रहा है। बिजली विभाग के लचर रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी है।
शासन का निर्देश है कि नगरीय इलाकों में 16 से 18 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 12 से 14 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए, लेकिन जिले में बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामीण इलाकों में पांच से छह घंटे भी बमुश्किल बिजली मिल पा रही है। फत्तूपुर विद्युत उपकेंद्र के अभोली फीडर में खराबी आने से 40 से अधिक गावों में दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
अभोली में रामनगर, अभोली और चौर फीडर से करीब 150 से अधिक गावों में बिजली आपूर्ति की जाती थी। दो साल पूर्व चौर और रामनगर फीडर खराब हो गए। चौर फीडर के गावों को दुर्गागंज में बने नए फीडर से जोड़ दिया गया, लेकिन रामनगर फीडर के गांवों को अभोली फीडर से ही जोड़ दिया गया। दो फीडर से जुड़े गांवों का बोझ एक फीडर पर होने से ओवरलोड से आए दिन अभोली फीडर खराब हो जाता है। मंगलवार शाम को अभोली फीडर में खराबी आने से अस्सी गावों में आपूर्ति ठप हो गई। शिकायत के बाद भी उसे सही नहीं किया गया। आपूर्ति न होने से बारिश में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अजय सिंह, आनंद सिंह, विनोद, राकेश पांडेय, जीत नारायण शुक्ल, जितेंद्र बिंद, सुशील बेनवंशी, लोलारख गोंड, मानिक बिंद, अखिलेश मिश्र ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। इससे आटाचक्की जैसे कुटीर उद्योग बंद हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को अभोली बाजार, दुर्गागंज तक जाना पड़ रहा है। एसडीओ भदोही एके श्रीवास्तव ने कहा कि फत्तूपुर उपकेंद्र की सीटी जलने से अभोली फीडर की आपूर्ति ठप है। सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।