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बिजली कटौती ऑनलाइन पढ़ाई में बनी बाधा

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ज्ञानपुर। कोरोना के संक्रमण ने स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित कर दी है। स्कूल बंद होने के बाद ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प को मोबाइल नेटवर्क और बिजली की कटौती ने फेल कर दी है। बिजली कटौती से तय समय पर टीवी पर शिक्षकों के टिप्स भी छात्र-छात्राएं नहीं देख पा रहे। सामान्य परिवारों के लिए प्रत्येक बच्चों को एंड्रायड फोन की उपलब्धता भी अभिभावकों के लिए चुनौती बन गई है।
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शिक्षण सत्र का पांच माह बीतने को है। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर के स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। एप के माध्यम से बच्चों को एंड्रायड फोन और टीवी के माध्यम से जरूरी जानकारी शिक्षकों की ओर से साझा की जा रही है, लेकिन बिजली कटौती, नेटवर्क की समस्या और सुविधाओं का अभाव व्यवस्था को बेपटरी कर रहा है। ऑनलाइन पढाई की व्यवस्था यह है कि एक परिवार में यदि चार बच्चे हैं तो चारों के लिए अलग-अलग एंड्राइड मोबाइल की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा चारों के लिए नेट पैक भरवाना गरीब अभिभावकों के बूते की बात नहीं है। यही नहीं गांव में किसी नेटवर्क के काम न करने या स्पीड कम होने के साथ ही बिजली कटौती के चलते मोबाइल चार्ज करना जहां मुश्किल है वहीं टीवी भी न चलने से शिक्षकों की ओर से दी जाने वाली जरूरी जानकारी भी नहीं मिल पा रही।
अर्जुनपुर गांव के छात्र अभिनव कुमार और विकास कुमार यादव का कहना है कि टीवी के कई चैनलों पर विषय की पढ़ाई हो रही है, लेकिन समय से बिजली न होने के चलते टीवी से पढ़ाई नहीं हो पाती है। कॉलेज से अॅानलाइन कक्षाएं चल रही हैं। कभी-कभी मोबाइल नेटवर्क में आ रही दिक्कत के चलते क्लास मिस हो जाता है। अभोली के अंकित कुमार बिंद ने कहा कि वीडियो और नोट्स दोनों की व्यवस्था स्कूल से है, लेकिन बिजली कटौती के कारण न तो मोबाइल समय से चार्ज हो पाता है और न ही मोबाइल का नेटवर्क ही मिलता है। ऑनलाइन पढ़ाई भगवान भरोसे ही है। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक चौरसिया ने कहा कि जिन छात्रों के पास मोबाइल नहीं है वह कॉलेज के बाहर ड्राप बाक्स में प्रश्न भेजकर जवाब प्राप्त कर सकते हैं। बिजली कटौती और नेटवर्क की समस्या जरूर है।
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