घोसिया नगर में बदहाल पड़ा पक्का पोखरा। संवाद
ज्ञानपुर। जिले की सात निकायों के 19 तालाबों में से 15 की हालत खस्ता है। निकायों के इन सरोवरों में अमृत की बजाय दरारें पड़ीं है। बुधवार को पड़ताल में सामने आया कि बीते पांच वर्षों में निकायों के तालाबों पर करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके बाद भी ये तालाब कहीं अतिक्रमण का शिकार हैं तो कहीं उनमें कचरा डंप किया जा रहा है। कई तालाब सूख चूके हैं। जिले की गोपीगंज नगर पालिका में हनुमानगढ़ी तालाब, सोनिया तालाब, जोगिवीर तालाब, बड़े शिव तालाब के पीछे स्थित तालाब तथा मंदिर परिसर का तालाब है। वार्ड तीन के बाबा बड़े शिव नगर तालाब में हाल में सुंदरीकरण के नाम पर 25 लाख रुपये आए थे, लेकिन यहां केवल पूरब की ओर कुछ सीढ़ियों का निर्माण हुआ है।
इसी तरह सुरियावां में कुल 12 तालाब अंकित हैं, जिनमें से करीब पांच पर अतिक्रमण हो चुका है। 52 बीघा तालाब, नीम कौड़िया, साहुआईन तालाब, जोधराज सिंह तालाब तथा पूरनापुर का कजरहीया तालाब अभी अस्तित्व में हैं। निमकोडिया तालाब, सहुआवन तालाब और जोधा राय सिंह तालाब में सीढ़ी निर्माण व मरम्मत कार्य के लिए नगर पंचायत ने करीब सात लाख रुपये खर्च किए हैं। ज्ञानपुर के ज्ञानसरोवर पर दो चरणों में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। इस तालाब की स्थिति अच्छी है। घोसिया में वार्ड छह के दो तालाबों पर एक करोड़ 32 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन तालाब कचरे से पटा है। भदोही नगर के स्टेशन रोड मुल्ला तालाब, अयोध्यापुरी तालाब, गाजी मियां रौजा तालाब, हाजी फरीदन तालाब, घमहापुर और छितनी तालाब बदहाली का शिकार हैं। इन तालाबों पर सुंदरीकरण के नाम पर पालिका करीब डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास खर्च कर चुकी है। इसी तरह खमरिया और नई बाजार के दो-दो तालाब अपना अस्तित्व तलाश रहे हैं।
जलीय जंतुओं पर भी संकट
निकायों के करीब 10 तालाब ऐसे हैं, जहां सफाई नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। तालाबों के पास ही कचरा डंप किया जा रहा है। वहीं, यही कचरा तालाबों को भी पाट रहा है। इससे तालाबों में रहने वाले जलीय जंतुओं पर भी संकट है। आम व्यक्ति यदि तालाब के किनारे बैठकर सुकून तलाशना चाहे तो वह वहां पांच मिनट भी नहीं रुक सकता।
निकायों के तालाबों की सुंदरीकरण के साथ उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। उससे आम लोगों को फायदा मिल सके। संबंधित निकायों के ईओ से बात कर और तालाबों के सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। - शुभांगी शुक्ला, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।
निकाय : सात
तालाबों की संख्या : 19
सुंदरीकरण पर खर्च : पांच करोड़ (अनुमानित)
बदहाल तालाब : 15