जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी छात्र नामांकन की पोल बुधवार को खुल गई। करीब 138 अफसरों की टीम ने सभी छह ब्लॉकों के करीब 500 से अधिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 50 परिषदीय विद्यालयों में छात्र नामांकन गड़बड़ी पाई गई। क्रास चेकिंग के लिए नोडल अधिकारियों के संग सोनभद्र और मिर्जापुर के बीएसए ने भी विद्यालयों की जांच कर उपस्थिति का जायजा लिया।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार की ओर से कई सुविधाएं दी जा रही हैं। योजनाओं का पैसा हेडमास्टर और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेजा जाता है। छात्रसंख्या में गड़बड़ी कर काफी हद तक स्कूलों में धांधली की जाती है। उपस्थिति को सही तय करने के लिए शासन ने पहल शुरू की। मंडल के तीनों जिलों में जांच के लिए मंडलायुक्त ने 511 अफसरों को नामित किया था, जिसमें 138 अधिकारियों को भदोही भेजा गया था।शासन के निर्देश प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में जांच के लिए अफसरों की टीम पहुंची। मिर्जापर के बीएसए एसके राजभर ने सुरियावां ब्लॉक तो सोनभद्र के बीएसए एएन सिंह ज्ञानपुर विकास खंड के विद्यालयों की जांच की। इसी तरह 80 नोडल अधिकारियों और लेखपालों ने भी विद्यालयों की जांच की। अधिकारियों के निरीक्षण से स्कूलों में खलबली मची रही। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार तक आ जाएगी। उसी के आधार पर छात्र उपस्थिति तय होगी।