ज्ञानपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का आरक्षण तय होने के साथ ही तैयारी तेज कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र पर तीनों तहसीलों में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई। जो मतदान केंद्रों को चार श्रेणी में बांटेगी। इसमें सामान्य, संवेदनशील, अति संवेदनशील और अति संवेदनशील प्लस शामिल होंगे। एसडीएम कमेटी के अध्यक्ष जबकि क्षेत्राधिकारी उपाध्यक्ष बने हैं। बीडीओ, तहसीलदार और एसओ सदस्य नामित है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हर पांच साल पर चुनाव होता है। 2015 में पंचायत चुनाव होने के बाद 2020 में प्रस्तावित था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण चुनाव कुछ महीने टल गया। 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर प्रशासकों के हाथ में जिम्मेदारी सौंपी गई है। अप्रैल में होने वाले चुनाव को लेकर जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम पंचायत की आरक्षण शासन स्तर से तय हो गई। वैसे तो चुनावी तैयारी दो माह पूर्व से चल रही है लेकिन आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद प्रशासन व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने में जुट गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पत्र जारी कर जिले में चार श्रेणी में मतदान केंद्रों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। आयोग का पत्र आने पर निर्वाचन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। इसके लिए तीनों तहसीलों में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानीय डीएस शुक्ला ने कहा कि एसडीएम की अध्यक्षता में गठित टीम मतदान केंद्रों का श्रेणीवार विभाजन करेगी। उसी के आधार पर चुनाव में फोर्स और मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी। बताते चलें कि पंचायत चुनाव के लिए जिले के 546 ग्राम पंचायतों में 678 मतदान केंद्रों पर 2010 बूथ बनाए गए हैं। इसमें 2015 के चुनाव में 450 मतदान केंद्र संवेदन, अति संवेदनशील और अति संवेदनशील प्लस शामिल रहे। 2021 के चुनाव में यह संख्या बढ़ सकती है।
शासन स्तर से जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रमुख और क्षेत्र पंचायत की सीटों का आरक्षण तय हो चुका है, लेकिन एक-एक ग्राम पंचायत का आरक्षण अभी फाइनल नहीं हो सका। निवर्तमान एवं संभावित प्रत्याशियों की नजरें आरक्षण पर ही टिकी है। पंचायत राज विभाग की ओर से सूची को फाइनल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि दो से तीन दिन में गांवों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।