भदोही। वित्त मंत्रालय के निर्देश पर जिला अग्रणी बैंक यूनियन बैंक आफ इंडिया (यूबीआई) के कस्टर आऊटरीच प्रोग्राम के पहले दिन 457 लाभार्थियों में 22.98 करोड़ के लोन को मंजूरी दी गई। शिविर में सभी बैंकरों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर यूबीआई केंद्रीय कार्यालय के महाप्रबंधक आरके कश्यप ने कहा कि सरकार मध्यम दर्जे और लघु उद्यमियों पर मेहरबान है। सरकार की योजना है कि लोग स्वरोजगार अपनाएं और तरक्की करें। नगर के होटल अर्सलान में आयोजित शिविर शनिवार को भी लगेगा।
महाप्रंधक ने कहा कि भारत सरकार एमएसएमई को प्राथमिकता दे रही है। ग्रामीण स्वरोजगार अपनाने वालों को भी सरकार तरक्की का रास्ता दिखा रही है। लोगों के पास यदि अच्छी प्लानिंग हो तो वे जरूर अपने बैंक से ऋण आवेदन करें। बताया कि अलग अलग व्यवसाय शुरू करने के लिए अलग अलग लोन राशि तय है लेकिन परियोजना की जांच के बाद ही लोन दिया जा रहा है। मुख्य अतिथि रहे जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी में न जाएं बल्कि स्वरोजगार अपनाएं। इससे वे दूसरों को नौकरी दे सकेंगे। बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं, युवा भी लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
जनपद के लीड बैंक मैनेजर उमेश कुमार ने बताया कि शिविर के प्रथम दिन 22.98 करोड़ के ऋण के कागजात लाभार्थियों को दिए गए। इसमे कालीन उत्पादक से लेकर छोटे उद्यमी और ग्रामीण स्वरोजगारी भी हैं। कहा जो लोग छूट गए हैं अथवा आवेदन नहीं कर सके हैं उनके लिए आगे भी समय है। बताया कि शनिवार को शिविर का समापन होगा। संचालन तनीशा शर्मा ने किया। मुख्य रूप से यूबीआई के क्षेत्रीय प्रमुख जीएन गामी, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रमुख प्रकाश चौधरी, अरविंद सिंह, अनुराग ढींगरा, जगन्नाथ बेहरा, हेमेंद्र ठाकुर, सुशील श्रीवास्तव, दिलीप दास, बीके सिंह, अंबुज कुमार भी मौजूद रहे।