ज्ञानपुर। जिले की आबोहवा लगातार खराब हो रही है। मौसम में बदलाव और पछुआ हवाओं के साथ आई धूल, धुएं से हवा का गुणवत्ता सूचकांक चिंताजनक श्रेणी में पहुंच रहा है। रविवार को जिले का गुणवत्ता सूचकांक पीएम-2.5, 120 से 130 के बीच और पीएम-10, 120 से 125 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।
काशी और प्रयाग के मध्य स्थित कालीन नगरी में वैसे बड़े उद्योग धंधे नहीं है, लेकिन भदोही, खमरिया, गोपीगंज, घोसिया, माधोसिंह जैसे बाजारों में कालीन का कारोबार होता है। इन कंपनियों में जनरेटर जलने की स्थिति में वायु प्रदूषण बढ़ता है। पखवारे भर से जिले की आबोहवा को पछुआ हवाओं के साथ दिल्ली, नोयडा आदि शहरों से आने वाला प्रदूषण बिगाड़ रहा है। यही वजह है कि सप्ताह भर में हवा का गुणवत्ता सूचकांक सावधान करने वाली स्थिति में पहुंच रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां में स्थित मौसम विभाग से मिले आंकड़े के मुताबिक पीएम-2.5 और पीएम-10 दोनों की स्थिति चिंताजनक करने वाली है। कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पछुआ हवाओं के कारण पूर्वांचल के जिलों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। दिल्ली, नोयडा जैसे शहरों से आने वाली हवाओं से यहां की हवा में प्रदूषण के कण बढ़ जाते हैं।