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पौधे हैं प्रकृति के प्राण, काटकर इन्हें न करो निष्प्राण

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ज्ञानपुर/वहिदानगर। मान्यता है कि हर एक पेड़-पौधे में कोई न कोई औषधीय गुण अवश्य होता है। यह बात अलग है कि औषधि विज्ञान के आधुनिक हो जाने के बाद भी कई ऐसी वनस्पतियां हैं, जिनके गुणों की जानकारी किसी को नहीं हो पाती। उक्त बातें बुधवार को जड़ीबूटी दिवस के मौके पर डीघ के कोइरौना बाजार और वीएनजीआईसी परिसर में पौधरोपण करते हुए वक्ताओं ने कही।
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दोनों स्थानों पर फलदार, छायादार और औषधि के रूप में अशोक, अमलताश, अर्जुन, कचनार, गुंदा, जामुन, नीम, निलगिरी, पलाश, पीपल, फालसा, बरगद आदि के महत्व के बारे में बताया गया। जीआईसी में नरेंद्र नाथ पांडेय, दिनेश कुमार झा, रमाशंकर मिश्र, रोशन ने नींबू, बेल, आंवला, गिलोय एवं पारिजात के पौधे लगाए। इस मौके पर राजपति दूबे, दीनानाथ पाठक, सुमित मिश्रा, राजेंद्र दूबे, रामजी तिवारी, प्रकाश यादव, बैरागी लाल यादव, ओमप्रकाश सेठ, महातम लाल यादव, मुन्ना टेलर आदि रहे।
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