सौ शय्या अस्पताल के प्रसव कक्ष में लगा फोटो थेरेपी मशीन। संवाद
ज्ञानपुर। बच्चों के जन्म के समय होने वाली पीलिया और त्वचा संबंधित बीमारियों का अब जनपद में सुगमता से इलाज हो सकेगा। मुख्यालय मार्ग सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल के ओपीडी भवन में फोटो थेरेपी की व्यवस्था शुरू की गई है। इस विधि से नवजातों का उपचार किया जाएगा। अस्पताल में एक मशीन लगाई गई है। इनडोर चालू होने के बाद चार मशीन और लगाई जाएगी। सौ शय्या अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी मिश्रा ने बताया कि फोटो थेरेपी की व्यवस्था से तीन सप्ताह तक के नवजात शिशुओं में पीलिया, त्वचा संबंधित रोग होने पर उपचार किया जाएगा।
बताया कि मां के गर्भ में 2.5 किलोग्राम से यदि बच्चा का वजन कम है। प्रसव के बाद पीलिया होने का डर रहता है। मुख्यत: इस मशीन से पीलिया व त्वचा के बच्चों का उपचार किया जाता है। बताया कि थेरेपी के दौरान मशीन के अंदर से कई प्रकार की तरंगें निकलती हैं। प्रकाश के माध्यम से बच्चे का उपचार किया जाता है। सौ शय्या अस्पताल में अब धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। 2027 से पहले इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित करने का उद्देश्य है। इसी के मद्देनजर डायलिसिस यूनिट के संचालन के बाद, बर्न यूनिट, टीबी अस्पताल, डिजिटल एक्सरे, सीटी स्कैश, प्लास्टर, लैब, प्रसव आदि का संचालन किया गया। अब फोटो थेरेपी सेवा शुरू हुई है।
नवजात बच्चों में पीलिया के लक्षण
- त्वचा का पीलापन
- आंखों में पीलापन
- गहरे रंग का पेशाब
- मांस पेशियों के दबाने पर रंग बदलना
- शिशु का सुस्त रहना
नोट: यह लक्षण आम तौर पर दो से चार दिन में दिखने लगते हैं।
लेबर कक्ष में फोटो थेरेपी की मशीन लगाई गई है। इनडोर शुरू होते ही यहां ओर मशीनें बढ़ाई जाएंगी। 21 दिन तक के बच्चों की थेरेपी की जाती है। मशीन शासन स्तर से आई है। -
डॉ. सुनील कुमार पासवान, सरपतहां अस्पताल