विकास भवन सभागार में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें समन्विक शिकायत निवारण प्रणाली पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। निर्धारित समय के बाद भी 29 मामले लंबित होने पर परियोजना निदेशक समेत 12 अधिकारियों के जून माह के वेतन पर रोक लगा दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्र ने मुख्यमंत्री, आनलाइन और डीएम संदर्भ से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान पाया कि सीएम संदर्भ में विभिन्न विभागों के सबंधित सात मामले, ऑनलाइन के आठ और जिलाधिकारी से जुडे 14 मामलों समेत 29 शिकायतें लंबित हैं। शिकायतों का निस्तारण न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए के यहां जिलाधिकारी के संदर्भ का एक मामला, जिला विकास अधिकारी के यहां आनलाइन से जुड़ा एक मामला, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जिलाधिकारी से जुड़ा एक मामला, उपनिदेशक मंडी समिति में मुख्यमंत्री से संबंधित एक मामला, बीडीओ सुरियावां का ऑनलाइन का एक और जिलाधिकारी का एक मामला, अभोली बीडीओ के ऑनलाइन दो, डीएम कार्यालय के दो मामले, बीडीओ ज्ञानपुर के ऑनलाइन एक, डीएम का एक, बीडीओ डीघ कार्यालय में मुख्यमंत्री संदर्भ का एक, आनलाइन तीन, डीएम कार्यालय का एक, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री से जुड़े एक मामले और अधिशासी अभियंता जलनिगम के यहां डीएम कार्यालय का एक मामले को लंबित पाया।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना निदेशक, डीआईओएस, जल निगम के अधिशासी अभियंता समेत 12 अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी। निर्देश दिया कि एक सप्ताह में सभी का निस्तारण कर सूचित किया जाए।