संगोष्ठी को संबोधित करते वरिष्ठ निदेशक सोहन झा
केंद्र सरकार कालीन बुनाई में प्रशिक्षण प्राप्त बुनकरों को मुद्रा लोन में पांच प्रतिशत सब्सिडी देगी। बुनकरों को काम मिलने की शर्त पर ही उन्हें बुनाई में प्रशिक्षण देगी। इसके अलावा भदोही और मिर्जापुर में कामन फैसिलिटी सेंटर खोलने के लिए कालीन निर्यातक समूहों को 50 लाख रुपये तक सहायता देगी। यह बातें शुक्रवार को विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के वरिष्ठ निदेशक सोहन झा ने होटल शिराज में कालीन निर्यातकों के साथ उत्पादन मानकीकरण संगोष्ठी में कही।
कहा कि पूर्वांचल में बुनकर प्रशिक्षण योजना में प्रशिक्षित 11 हजार बुनकरों को अब तक काम नहीं मिल पाया है। ऐसे में सरकार ने योजना में फेरबदल करते हुए कालीन उत्पादकों से सहयोग मांगा है। बताया कि अब प्रशिक्षण योजना से केवल उत्पादक अथवा कालीन निर्यातकों को जोड़ा जाएगा। लेकिन उनके सामने शर्त होगी कि प्रशिक्षण के बाद वे बुनकरों को काम भी देंगे। केंद्र सरकार भदोही ,मिर्जापुर में कामन फेसिलिटी सेंटर खोलना चाहती है। निर्यातकों को समूह बनाकर प्रस्ताव लाने को कहा। वरिष्ठ निदेशक ने कहा कि प्रशिक्षण पाने वाले शिल्पियों को सरकार मुद्रा लोन के ब्याज में पांच प्रतिशत सब्सिडी देगी। उन्होंने बताया कि हम एससी एसटी बुनकरों को शीघ्र ही मुफ्त लूम देने जा रहे हैं। अन्य जातियों के बुनकरों से को लूम खरीद में 80 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वरिष्ठ निदेशक ने हिम्मपुर बकुचियां जाकर बुनकर कौशल विकास समिति द्वारा आयोजित मुद्रा लोन योजना के शिविर का भी अवलोकन किया। परिषद उपाध्यक्ष महावीर प्रताप उर्फ राजा शर्मा,निदेशक आईआईसीटी प्रो.केके गोस्वामी, परिषद के अधिशासी निदेशक शिवकुमार गुप्ता, अब्दुल रब अंसारी, उमेश गुप्ता, वासिफ अंसारी, संजय गुप्ता, रवि पाटोदिया, फिरोज वजीरी, हुसैन जाफर, एकमाध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन, शमीम आलम लल्लन, पियूष बरनवाल,बोधराज, अश्फाक अंसारी, उमर हमीद आदि रहे।