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27 हजार हेक्टेयर में होगी धान की रोपाई

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ज्ञानपुर। जिले में धान की रोपाई की तैयारी तेज हो गई है। कृषि विभाग ने खरीफ सीजन की खेती के साथ ही धान की रोपाई का रकबा भी तय कर दिया है। 2019 के सापेक्ष धान की रोपाई और खरीफ सीजन का रकबा भी कम हो गया है। 44 हजार 148 हेक्टेयर में खरीफ की खेती होगी। इसमें 27 हजार 515 हेक्टेयर में धान की रोपाई की जाएगी। धान के उत्पादन का लक्ष्य 90 हजार एमटी रखा गया है। इसके अलावा आठ हजार 739 हेक्टेयर में बाजरा, तीन हजार हेक्टेयर में अरहर की खेती होगी। किसानों के लिए अनुदानित धान का बीज भी आ चुका है, जिसका वितरण राजकीय कृषि भंडारों से हो रहा है।
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जिले में कुल एक लाख 87 हजार किसान पंजीकृत हैं जबकि करीब 75 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। इससे कृषि विभाग की ओर से हर साल रबी और खरीफ के सीजन में खेती का रकबा तय किया जाता है। 2020 में 44 हजार 148 हेक्टेयर रकबे में खरीफ की खेती होगी। इसमें 27 हजार 515 हेक्टेयर में धान, 683 हेक्टेयर में मक्का, 1815 हेक्टेयर में ज्वार, 8739 हेक्टेयर में बाजरा, 1855 हेक्टेयर में उर्द, 18 हेक्टेयर में मूंग, 3190 हेक्टेयर में अरहर, आठ हेक्टेयर में मूंगफली और 325 हेक्टेयर में तिलहन की खेती का लक्ष्य रखा गया है। खेती करने का लक्ष्य पूरा हो सके, इसके लिए विभाग भी तैयारी कर चुका है। विभाग ने प्राथमिकता के तौर पर धान और उर्द का बीज मंगा लिया है।
राजकीय कृषि भंडार के माध्यम से पंजीकृत किसानों को बीज का वितरण किया जा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में धान की रोपाई 29 हजार हेक्टेयर में करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन मानसून मेहरबान हुआ तो किसानों ने करीब 38 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की रोपाई कर दी। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जिले में 90 हजार 295 एमटी धान के पैदावार का लक्ष्य तय किया गया है।
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नर्सरी डालने का उपयुक्त समय
ज्ञानपुर। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि धान की नर्सरी डालने का उपयुक्त समय चल रहा है। किसान 10 से 12 जून तक हर हाल में नर्सरी डाल दें। खेत तैयार करने के बाद उसमें डाई और जिंक मिला देने से नर्सरी अच्छी होगी। उन्होंने कहा कि 1834 हेक्टेयर में धान की नर्सरी डाली जाएगी।
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