ज्ञानपुर/घोसिया। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-प्रयागराज रूट स्थित माधोसिंह स्टेशन पर रविवार को सुबह सात पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से 40 मीट्रिक टन जीवनरक्षक आक्सीजन लेकर आक्सीजन एक्सप्रेस पहुंची। इससे स्टेशन पर रेल अधिकारियों की चहल-पहल बढ़ी रही। जहां पर कड़ी निगरानी में अधिकारियों ने अनलोडिंग एक दर्जन से अधिक टैंकरों में कराकर वाराणसी के लिए रवाना कर दिया। स्टेशन और कानकोर डिपो में सुबह से अपराह्न तक पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से तैनात रही।
डीआरएम वाराणसी वीके पंजियार ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव और आक्सीजन की कमी से बढ़ रहे मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए रेल प्रशासन आक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन करा रहा है। प्रदेश के विभिन्न मंडलों की मांग पर उपलब्धता में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। दो दिन पूर्व प्रथम खेप में आए 40 मीट्रिक टन में 20 टन वाराणसी, 10 टन आजमगढ़ और 10 टन में भदोही-मिर्जापुर को सहायक आयुक्त वाराणसी केजी गुप्ता की देखरेख में उपलब्ध कराया।
भदोही जिले में आक्सीजन आवंटन कम होने पर आवाज उठने लगी है। यशवंत सिंह यादव, दिनेश यादव, योगेश यादव, लालू प्रसाद यादव आदि ने कहा कि जिला प्रशासन की शिथिलता से आवंटन लक्ष्य कम मिला है। जब वाराणसी और आजमगढ़ को पर्याप्त मात्रा में आवंटन दिया जा सकता है तो भदोही को क्यों नहीं। आधा दर्जन से निजी कोविड अस्पताल और एल-1, एल-2 सरकारी अस्पतालों की स्थिति यह है कि तैनात कर्मचारी मरीजों को देखकर आक्सीजन की कमी, बेड खाली न रहने की बात कहकर वापस कर दे रहे हैं।
गोपीगंज, भदोही, जंगीगंज, वहिदानगर, सुरियावां, दुर्गागंज, खमरिया में कार्यरत निजी अस्पतालों में आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा न होने से मरीजों को महंगे दर खरीदना विवशता बनी है। कभी अस्पताल के सामने तो कभी बाइक पर आक्सीजन सिलिंडर लादकर मरीज के अभिभावक सड़कों पर देखे जा सकते हैं। मंडलायुक्त योगेश्वरराम मिश्रा ने बताया कि भदोही-मिर्जापुर के लिए 10 टन का आक्सीजन मिला था जिसे जरूरत के अनुरूप भेज दिया गया है और जरूरत पड़ने पर डिमांड बढ़ाई जा सकती है।