वहिदानगर। पूर्वोत्तर रेलवे के जंगीगंज स्टेशन के ठीक सामने शुक्रवार को ओवरलोड डंपर फंस जाने से संपर्क मार्ग की दशा बिगड़ गई। इससे न केवल आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि सुबह से शाम तक सकरे संपर्क मार्ग पर डंपरों की लाइन लगे रहने से ओवरटेकिंग को लेकर भी परेशानी बढ़ी रही।
वाराणसी मंडल के अधीन मंडुआडीह-प्रयागराज रामबाग रेल खंड पर चल रहे दोहरीकरण में प्रयुक्त होने वाली गिट्टियों की भराई के लिए ढुलाई का कार्य डंपरों से कराया जा रहा है। सूफीनगर-स्टेशन मुख्य मार्ग की हालत एक दशक से खराब हो जाने के कारण जगह-जगह जलभराव के चलते न डंपर चालक ही उससे आने को राजी हो रहे हैं न स्थानीय लोग। कोविड-19 काल में भी मुख्य मार्ग पर जम चुके गंदे पानी की निकासी न हो पाने से मार्ग जगह-जगह पहचान तक कायम रख पाने को मोहताज है। दो माह पूर्व मुख्य मार्ग से होकर हो रही गिट्टी ढुलाई में लगे डंपरों के पलट जाने से चालक अब गोधना-स्टेशन मार्ग का सहारा लेकर पहुंच तो रहे हैं लेकिन मार्ग की चौड़ाई काफी होने और बरसात के कारण सीलन से वह भी ओवरलोड डंपर का भार नहीं सह पा रही है जो जगह-जगह फट कर उखड़ना भी शुरू कर दिया है। सवाह यह है कि जब करोड़ों का प्रोजेक्ट रेलवे प्रशासन करा ही रहा है तो सबसे पहले मुख्य मार्ग की हालत को सुधार कर ही डंपरों का आवागमन कराना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग भी अपनी संपत्ति की बर्बादी को संज्ञान में लेकर सख्त कदम उठाना चाहिए। सबकुछ जानते हुए भी न रेल अधिकारी स्टेशन को जोड़ने वाले मार्गों की सुधि ले पा रहे हैं न लोक निर्माण विभाग। दरवांसी, रजमला, चंदापुर, राजापुर, मैलौना आदि गांववासियों ने अविलंब जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेकर तभी डंपरों का संचालन कराया जाना उचित होगा जब रेल प्रशासन मार्गों को बनवाने की जिम्मेदारी उठाए। एक्सईएन लोक निर्माण विभाग हीरामणि वर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं था अब आया है जांच कराकर क्षतिपूर्ति के लिए रेलवे प्रशासन को लिखा जाएगा।