भदोही। शहर में लिप्पन तिराहे के पास जाम की समस्या से निदान मिलता नहीं दिख रहा है। चौराहे पर जाम के निजात के लिए ओवरब्रिज बनाया गया, लेकिन अब वह समस्या और भी विकराल हो गई है। ओवरब्रिज को तिराहे के मेन पॉइंट पर ही गिरा दिया गया है। इससे अधिकतर समय वाहनों का दबाव बना रहता है। यह मार्ग जौनपुर और स्टेशन रोड को भी जोड़ता है। सोमवार को दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
भदोही के लिप्पन तिराहे को नगर को हार्ट पॉइंट कहें तो कम नहीं होगा। एक तरफ यह मार्ग जौनपुर को जोड़ता है तो दूसरी तरफ रजपुरा चौराहे से होते हुए मिर्जापुर विंध्यवासिनी धाम से होते हुए सोनभद्र और मध्यप्रदेश को भी कनेक्ट करता है। तिराहे से 100 मीटर दूर रेलवे लाइन गुजरती है। पहले जब गजिया ओवरब्रिज नहीं था, तब रेलवे क्रॉसिंग बंद हो जाने के बाद घंटों जाम लगता था। इसे देखते हुए वर्ष 2014 में 37 करोड़ की लागत से पुल बनना शुरू हुआ। हालांकि उस समय तमाम अड़चने आई और बाद में इसकी लागत बढ़कर 44.22 करोड़ हो गई। 2022 में इस ओवरब्रिज की शुरुआत कर दी गई। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद से ही मीरजापुर, औराई, ज्ञानपुर, गोपीगंज, वाराणसी की तरफ जाने वाले लोगों से यहां जाम लगने लगी। तमाम उपायों के बाद भी अब तक नगर के लोगों को इस जाम से छुटकारा नहीं मिल पाया है। तिराहे पर यातायात पुलिस समेत सिविल पुलिस की भी तैनाती रहती है, लेकिन तब भी यातायात संभाल पाना मुश्किल होता है। सोमवार को ओवर ब्रिज से लेकर तकिया कल्लन शाह तक रूक-रूक कर कई बार लोग जाम से जूझे। जाम से मुक्ति दिलाने में यातायात पुलिस और सिविल पुलिस मिलाकर पांच पुलिस कर्मी लगे रहे। उनके भी पसीने छूट गए। लगभग दो बजे तक जाम से मुक्ति मिली, लेकिन फिर भी रुक-रुक कर जाम लगना आम बात हो चुकी है।
लिप्पन तिराहे पर जाम के कई कारण
लिप्पन तिराहे पर जाम के कई कारण हैं। एक तो यह कि वाहन स्वामी यातायात नियमों का पालन नहीं करते। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा चालक कहीं भी गाड़ी रोक देते हैं। इसके अलावा सबसे मुख्य समस्या यह है कि तिराहे पर पांच रास्ते हैं। ओवरब्रिज का एक सिरा तहसील से करीब 100 मीटर दूरी से शुरू होता है। दूसरा सिरा एकदम चौराहे के पास जाकर गिरता है। जो जाम का सबसे बड़ा सबब बनता है।
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तिराहे पर यातायात पुलिस लगातार मौजूद रहती है। इसके लिए कार्ययोजना भी बनाई गई है। जिस पर अमल की जा रही है। फिर भी अक्सर वाहनों की संख्या बढ़ती है तो जाम लग ही जाता है। -अशोक मिश्र, सीओ, भदोही।