ज्ञानपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायाधीश मोहम्मद शाहनवाज अहमद सिद्दकी ने बुधवार को साल 2013 के एक मामले में भदोही के तत्कालीन सीओ को आरोपी के खिलाफ गलत आरोप पत्र लगाने पर तलब किया है। कोर्ट ने उनसे लिखित जवाब मांगा है। किस आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया गया। वहीं, मामले के विवेचक व तत्कालीन दुर्गागंज उपनिरीक्षक के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने आरोपी रणजीत सिंह को तेज रफ्तार वाहन चलाने के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। दुर्गागंज थाने के उपनिरीक्षक सूर्यदेव सिंह अपने कांस्टेबल मनीष कुमार, धर्मेंद्र कुमार के साथ दुर्गागंज से वापस आ रहे थे। आरोप है कि रणजीत सिंह जंघई की ओर तेज रफ्तार वाहन चलाते हुए जा रहे थे। पुलिस ने जब उसे रोककर वाहन का नंबर व कागज तलब किया तो वह भागने का प्रयास किया। पूछताछ में उसने अपना नाम रणजीत सिंह निवासी टाड़ घुरहूपुर, देहात मिर्जापुर बताया।
पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियुक्त ने कोर्ट में यह दलील दी कि वह किसी अपराध की नियत से नहीं भाग रहा था। इस तरह कोई साक्ष्य भी नहीं दिया गया है।
मामले में सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायाधीश मोहम्मद शाहनवाज अहमद सिद्दकी ने विवेचक के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कराने का आदेश दिया।
वहीं, तत्कालीन सीओ भदोही को तलब कर लिखित जवाब मांगा है। कोर्ट ने आरोपी रणजीत को दोष मुक्त कर दिया।