परिवादी ने 25 मार्च 2021 को डाक के माध्यम से चिकित्सक को नोटिस भेजा, जिसका जवाब नहीं दिया गया। इससे परिवाद मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हुआ। लखनऊ की जांच और इलाज में करीब डेढ़ लाख खर्च किया और अब भी उपचार चल रहा है। परिवादी ने कई जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत किया है। जिसमें यह पाया गया कि कैल्शियम की गोली अधिक खाने से उसकी तबियत खराब हुई।
विपक्षी चिकित्सक ने बिना रक्त जांच कराए ही दवाओं का सेवन करने के लिए कहा। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य दीप्ति अग्रवाल और विजय बहादुर सिंह ने चिकित्सक डॉ. विनय स्वरूप के खिलाफ उपचार पर खर्च तीन लाख और मानसिक एवं शारीरिक क्षति पर दो लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।