ज्ञानपुर। रबी और जायद के सीजन में प्याज की खेती कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकते हैं। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत जिले में 45 हेक्टेयर में प्याज की खेती की जाएगी। शासन स्तर से लक्ष्य तय होने के बाद उद्यान विभाग किसानों के चयन में जुटा है। प्रति हेक्टेयर करीब 50 हजार रुपये खर्च आता है। इसमें से 40 प्रतिशत यानी 20 हजार रुपये किसानों को अनुदान के रूप में मिलेंगे।
जिले के किसानों का एक तबका धान व गेहूं की परंपरागत खेती से दूरी बना चुका है। वे तकनीकी खेती की तरफ बढ़ रहे हैं। यहां खर्च कम है मेहनत अधिक है। मेहनत के चलते किसानों को बेहतर मुनाफा मिलता है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत जिले में 45 हेक्टेयर रकबे में प्याज की खेती रबी और जायद के सीजन में की जाएगी। योजना के तहत उद्यान विभाग किसानों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर करेगा। सत्यापन के बाद योजना का लाभ मिलेगा। लाभ पान के लिए ऑनलाइन पंजीयन होना जरूरी है। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत 2025-26 में 45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज की खेती की जाएगी। किसानों की चयन प्रकिया शुरू हो गई है। योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीयन कराकर उसकी एक प्रति कार्यालय में जमा करना होगा।