जिले में करीब ढाई लाख किसानों को सिंचाई की व्यवस्था देने के लिए नहर विभाग ने करीब तीन सौ किलोमीटर की नजरों, माइनरों और रजवाहों का जाल बिछाया है। इससे काफी हद तक किसान लाभान्वित भी होते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों से नहरों, माइनरों के ड्रेनेज यानी तटबंध खराब होने के कारण किसानों के खेत तक पानी ठीक से नहीं पहुंच पाता। कई बार कुछ किसानों के खेत में ज्यादा पानी चला जाता है तो कई बार बिल्कुल नहीं जाता। इस समस्या का समाधान कराने के लिए नहर विभाग एक मुख्य नहर और पांच रजवाहों का कायाकल्प कराएगा। इसके लिए एक सप्ताह सर्वे होगा फिर शासन से स्वीकृति लेकर काम कराया जाएगा।
लगभग सवा दो ढाई लाख किसान 75 किमी मुख्य नहर, 90 किमी के पांच राजवाहा और 125 किमी वाली 16 माइनरों से अपने खतों को खींचते हैं। एक दशक पूर्व से संचालित उक्त संसाधनों के दोनों ओर बने ड्रेनेज क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी ओवरफ्लो होने पर कब और कहां टूट समस्या खड़ी कर देगा यह किसी को पता नहीं। ऐसे में रबी और खरीफ दोनों सीजन की खेती प्रभावित होती है। ऐसे में कायाकल्प होने से काफी लाभ मिलेगा। इसका करीब एक लाख किसानों को लाभ मिलेगा।