ज्ञानपुर। जनसामान्य के कार्यों में मनमानी एवं सरकारी कार्य में लापरवाही बरतने पर एसडीएम ज्ञानपुर शिव प्रकाश यादव ने तहसील के तीन लेखपालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
एक लेखपाल को जहां निलंबित कर दिया। वहीं, दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई। एसडीएम की कार्रवाई से लेखपालों में खलबली मच गई।
जिले की तीनों तहसीलों में अंश निर्धारण, खतौनी, वरासत दर्ज कराने के लिए आम लोगों को चार से छह बार चक्कर लगाना पड़ता है।
इस दौरान लेखपाल से तालमेल बिठाने पर ही उनका कार्य हो पाता है। एसडीएम ने बताया कि अंश निर्धारण में गड़बड़ी करने एवं आम जन की शिकायतों का निस्तारण न करने पर कसिदहां के लेखपाल दिलीप कुमार को निलंबित कर दिया।
डीघ उपरवार में खतौनी का काम दो माह से बंद है। इसको लेकर पूर्व में लेखपाल को निर्देश दिया गया, लेकिन वह लापरवाह बना रहा।
इसको संज्ञान में लेते हुए वहां के लेखपाल संजय गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई।
लखनों में भी विभागीय कामकाज में दिलचस्पी न लेने, अंश निर्धारण में गड़बड़ी करने पर हल्का लेखपाल राजेश बिंद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एसडीएम शिव प्रकाश यादव ने बताया कि शासनादेश के तहत सभी को काम करना होगा।
लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती की जाएगी। बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस, समाधान दिवस, आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों की लगातार मानीटरिंग की जा रही है। इसको लेकर 10 लेखपालों को अल्टीमेटम दिया गया है।
रिश्वत लेने का आरोपी लेखपाल निलंबित
ज्ञानपुर। 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए लेखपाल पर प्रशासनिक शिकंजा कस गया है। एसडीएम ज्ञानपुर शिव प्रकाश यादव ने शुक्रवार को उसे निलंबित कर दिया। बृहस्पतिवार को मिर्जापुर एंटी करप्शन टीम ने चकगुमानी गांव के लेखपाल राघवेंद्र प्रताप को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। एसडीएम ने बताया कि रिश्वत लेने के आरोपी लेखपाल राघवेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। बताते चलें कि 27 मई को अमिलहरा गांव निवासी रामआसरे ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन मिर्जापुर को प्रार्थना पत्र देकर लेखपाल राघवेंद्र कुमार निवासी सुभाष नगर सैनी सिराथू जिला कौशांबी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसके बाद टीम ने कार्रवाई की। संवाद