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Bhadohi News: कालीनों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर 48 देशों ने 189 खरीदारों ने देखा गलीचा

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मेन खबर के लिए-स्टाल पर खरीदार को कालीनों की रेंज दिखाते आयुष बरनवाल। संवाद
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भदोही। अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला का 50वां संस्करण इस बार कई मायनों में खास बन रहा है। बीते साल की अपेक्षा न सिर्फ यहां पर स्टॉलों की संख्या अधिक है, बल्कि गंभीर खरीदार भी पहुंच रहे हैं। ब्रिक्स देशों के 106 खरीदारों के अलावा अमेरिकी बॉयरों के पहुंचने से निर्यातक उत्साहित हैं। बॉयर महंगे कालीनों की अपेक्षा सस्ते ऊनी कालीनों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। जिसे देखते हुए निर्यातकों ने भी उस तरह से अपनी तैयारी की है। मेले में अब 48 देशों के 189 खरीदार और उनके प्रतिनिधि पहुंचे। सीईपीसी इस बार मेले से अच्छा कारोबार होने की उम्मीद जता रही है।
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भदोही के कारपेट एक्सो मार्ट में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50वें कालीन मेले का उद्घाटन किया। पहले दिन वीवीआईपी दौरा होने के बाद भी मेले में बॉयरों और प्रतिनिधियों की संख्या काफी अच्छी देखी गई। आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने आयोजन की गोल्डन जुबली को खास बनाने और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इस बार ब्रिक्स देशों से मेहमानों को खासतौर पर बुलाया है।
बीते साल जहां केवल 146 स्टॉल लगाए गए थे। जिसमें 422 बॉयरों ने पंजीकरण कराया था। वहीं इस साल 224 स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं 450 बॉयरों ने अपना पंजीकरण कराया है। अब तक दो दिनों में 48 देशों के 189 खरीदार व उनके प्रतिनिधि आ चुके हैं। अमेरिकी टैरिफ, कई देशों के बीच छिड़े युद्ध के बीच निर्यातक उद्योग को लेकर लगातार परेशान हैं, लेकिन इस मंच के माध्यम से निर्यातक उद्योग की नई संभावनाओं को तलाशने में जुटे हैं।
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मेले में आने वाले बॉयर अब महंगे कालीन की अपेक्षा सस्ती और टिकाऊ कालीनों की ओर ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। जिसमें हैंड टफ्टेड, हैंड वोवेन के अलावा हैंड नॉटेड कालीन व प्रिंटेड दरियां शामिल हैं। इस बार स्टॉलों पर गंभीर बॉयर पहुंच रहे हैं। जनवरी में नई दिल्ली में होने वाले कालीन मेले के रद्द होने के कारण भी यह कालीन मेला निर्यातकों के लिए खास बना है। सीईपीसी के वाइस चेयरमैन असलम महबूब ने बताया कि दो दिनों में जिस तरह से बॉयरों रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे कालीन मेले से अच्छे कारोबार की उम्मीद लगी है।
इन देशों के बॉयर पहुंचे
संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चिली, चीन, मिस्र, फ्रांस, ग्रीस, ग्वाटेमाला, इस्राइल, इटली, जापान, कजाकिस्तान, केन्या, लेबनान, मैक्सिको, नेपाल, नीदरलैंड, रूस, सऊदी अरब, सेनेगल, स्पेन, तुर्की, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, उरुग्वे जैसे देशों ने हिस्सा लिया है।
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कालीन मेले की खास बातें
- सिल्क की बनी 26 लाख की सबसे महंगी कालीन
- ऊनी से बनी 4.50 लाख की सबसे महंगी कालीन
- सिल्क व ऊनी की बनी 3.50 लाख की सबसे महंगी कालीन
- बीते साल की अपेक्षा इस साल 78 स्टॉल ज्यादा लगे हैं
- पहली बार ब्रिक्स देशों के 106 बॉयर भी हो रहे हैं शामिल

बीते तीन सालों में लगे स्टॉल
साल - स्टॉल
2024 - 256
2025 - 146
2026 - 224
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