ज्ञानपुर। अफसरों की उदासीनता कही जाए या विभाग की लापरवाही। छह माह पहले तैयार किए गए एक करोड़ 10 लाख के इस्टीमेट को अभी तक अमली जामा नहीं पहनाया गया है।
इससे भदोही सीएचसी में इंटरलॉकिंग, चहारदीवारी, टीनशेड युक्त रैन बसेरा बनाने का काम अधर में लटका है। तत्कालीन जिलाधिकारी विशाल सिंह के स्थानांतरण के बाद यह कार्य ठंडे बस्ते में चला गया है।
जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भदोही सीएचसी नगर के मध्य में स्थित है। यहां प्रतिदिन 200 मरीजों की ओपीडी होती है। इमरजेंसी में मरीजों की संख्या कम है, क्योंकि भदोही नगर में निजी अस्पतालों की संख्या अधिक है।
गंभीर केस होने पर पहले लोग निजी अस्पताल पहुंचते हैं। भदोही सीएचसी पर अत्याधुनिक सुविधाएं तो हैं, लेकिन व्यवस्थाएं नहीं हैं। भदोही सीएचसी की तस्वीर बदलने की कवायद छह महीने पहले तत्कालीन डीएम विशाल सिंह ने शुरू की थी।
उनके निर्देश पर बीडा ने यहां पर इंटरलॉकिंग, चहारदीवारी, टीनशेड युक्त रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव बनाया था।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. समीर उपाध्याय ने बताया कि तत्कालीन डीएम के निर्देश पर बीड़ा ने एक करोड़ 10 लाख के कार्य का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। इसको लेकर पत्र लिखा गया है। उसका भी अभी कोई जवाब नहीं मिला है।