इस दौरान एक विद्यालय में 107 में से 15 बच्चे ही मिले जबकि दूसरे विद्यालय में 79 में एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला।
इसके अलावा नूरे इस्लामपुर (रामसहायपुर) आंगनबाडी केंद्र में मिले एक्सपायर्ड पोषाहार को उन्होंने जब्त कर लिया। इसके अलावा विद्यालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंदगी एक सप्ताह में दूर करने का अल्टीमेटम दिया।
बाल अधिकार आयोग की सदस्य सुबह 10 बजे काशीपुर पहुंचीं। वहां एक ही प्रांगण में बाजार सलाबत खां और काशीपुर के प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं।
काशीपुर विद्यालय में केवल 15 बच्चे उपस्थित मिले, जबकि बाजार सलाबत खां के विद्यालय में एक भी बच्चा नहीं मिला। विद्यालय की चारदीवारी के अंदर गंदगी देखकर उन्होंने शिक्षकोें से सवाल किया।
हैंडपंप खराब और शौचालय में लगे ताले को उन्होंने तोड़वाया तो भीषण गंदगी देख भड़क उठीं। स्पष्ट जवाब न मिलने पर वहीं से खंड शिक्षा अधिकारी से भी बात की जिन्होंने एक सप्ताह में साफ सफाई कराने की जिम्मेदारी ली।
नाहिद लारी खान वहां से वे रामसहायपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं तो वहां एक भी बच्चा नहीं मिला जबकि रजिस्टर में 55 बच्चे पंजीकृत थे, इनमे से 15 अतिकुपोषित की श्रेणी में थे। यहां खास बात यह मिली कि सहायिका यह भी नहीं बता सकी कि अतिकुपोषित बच्चों के लिए सरकार के क्या दिशा निर्देश हैं।
केंद्र में केवल तीन पैकेट पोषाहार मिला जिसमें से एक पैकेटर चूहे कुतर चुके थे दूसरा एक्सपायर हो चुका था। जिसे उन्होंने जब्त कर लिया। उन्होंने कहा कि यहां बाल पोषाहार में व्यापक अनियमितता मिली है।
बच्चों को कुछ दिया जाता है कि नहीं इसका कोई हिसाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब्त पोषाहार वे अपने साथ आयोग ले जाएंगी जहां अन्य खामियों के अलावा इसकी भी जांच कराने की संबंधित विभाग से कराएंगी।
श्रीमती खान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी गईं जहां मुख्य समस्या गंदगी की ही रही। प्रांगण में जानवर घूमते मिले। उन्होंने इस बारे में एक सप्ताह का समय देकर स्थिति सुधारने का अधीक्षक को निर्देश दिया।