जन सहयोग मंच के बैनर तले सुरियावां और भदोही ब्लाक के छह गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मनरेगा मजदूरी के लिए आवाज बुलंद की। आरोप लगाया कि दो साल काम कराने के बाद उन्हें मजदूरी नहीं दी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दलित और मुसहर बस्तियों में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी को पत्रक देकर अविलंब कार्रवाई की मांग की।
सुरियावां ब्लाक के पूरे खुशहाल गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जाबकार्ड होने के बाद भी दो साल से गांव में मनरेगा का काम बंद चल रहा है। इससे मनरेगा मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
प्रदर्शन में सूर्यबाला देवी, ममता, कस्तूरी, प्रभावती, उर्मिला, सोना, शिवधनी पाल, रामसजीवन सहित कई लोग रहे। कौवापुर के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मजदूरी के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी और रोजगार सेवक के पास गए, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में शैला देवी, संतरा देवी, राजकुमारी, हरगेन गौतम सहित कई लोग मौजूद रहे।
महुआपुर मुसहर बस्ती के लोगों ने आवास, पेयजल की व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि बस्ती में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। प्रदर्शन करने वालों में नन्हेंलाल सरोज, सुलेमा, सोनी, रन्नो, रेखा, प्रेमा हित कई लोग रहे। भदोही ब्लाक के पिपरिस, माधोरामपुर, भिखारीपुर के दलितों ने आवास, जाबकार्ड की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में प्रमोद कुमार, प्रेमा देवी, सावित्री, उञषा देवी, प्यारी देवी, कैलाश वनवासी, कमलेश, प्रेम, अनिल कुमार सरोज सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।