ज्ञानपुर। जिले में स्वच्छता को लेकर सर्वे पूरा हो गया है। दिल्ली से आई केंद्रीय टीम 38 गांव में सर्वे कर लौट चुकी है। टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौपेंगी। अब गांवों की स्वच्छता रैकिंग जनता के हाथ में है। इसके लिए 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। अच्छा फीडबैक मिलने पर ही सभी अंक गांव को मिलेंगे। उसी के आधार पर बेहतर फीडबैक वाली ग्राम पंचायतें दो अक्तूबर यानि गांधी जयंती को पुरस्कृत होंगी।
जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। स्वच्छ भारत मिशन शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए गांव में शौचालय से लेकर जल निकासी समेत अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है। इसमें बेहतर एवं साफ सुथरे गांव को पुरस्कृत किया जाता है। इस बार भी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण ऐप डाउनलोड कर अपना फीडबैक 15 अगस्त तक दे सकते हैं। इसमें उन्हें बताना होगा कि गांवों में स्वच्छता की क्या स्थिति है। इसी आधार पर रैकिंग मिलेगी। विभिन्न सर्वे को मिलाकर कुल एक हजार अंक मिलेंगे। जिन गांव को अधिक अंक मिलेगा उनको केंद्र सरकार की तरफ से दो अक्तूबर को पुरस्कृत किया जाएगा। केंद्रीय टीम ने 38 गांव में सर्वे किया है। इसमें शौचालय की उपलब्धता एवं इसके इस्तेमाल, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट यानि ई-रिक्शा, रिसोर्स रिकवरी सेंटर, खाद गड्ढा, वर्मी नाडेफ, कंपोस्ट पिट आदि की रिपोर्ट एकत्रित की है।
ग्रामीण अपना फीडबैक दें। ताकि जिले की ग्राम पंचायत को पुरस्कार मिले।
संजय कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी
523 गांव में 6200 ग्रामीणों ने दिया फीडबैक
ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की स्थिति का आकलन करने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। अब तक जिले की 523 ग्राम पंचायतों के 6200 ग्रामीणों ने स्वच्छता को लेकर फीडबैक दिया है। गांवों में समुदाय और घरेलू शौचालयों की स्थिति, सफाई आदि के बारे में एप पर ग्रामीणों को अपना पक्ष देना है। 23 ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने इसमें अभी तक दिलचस्पी नहीं दिखाई। सीडीओ बाल मुकुंद शुक्ला ने अधिक से अधिक ग्रामीणों को एप के माध्यम से अपना फीडबैक देने का अनुरोध किया जा रहा है।