प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त का इंतजार कर रहे करीब 2.26 लाख लाभार्थी किसानों को अब ई-केवाईसी करानी होगी। सरकार ने योजना के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत किसानों को अब ई - केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर योजना की 11वीं किस्त अटक सकती है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार ने यह बदलाव किया है। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर दो लाख 46 हजार 480 किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिसमें से दो लाख 10 हजार किसानों को नौवीं किस्त मिली है। सत्यापन के दौरान 20 हजार से अधिक किसान अपात्र मिले हैं। जिसमें भूमिहीन, आयकर दाता, सरकारी नौकरी, पेंशनर, अधिवक्ता, पति-पत्नी और मृतक तक सम्मान निधि का लाभ दिए जाने का मामला सामने आया। उनकी सम्मान निधि की किस्त रोकने के बाद विभाग उनसे वसूली के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है। सम्मान निधि योजना का लाभ लेने में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने अब बड़ा बदलाव किया है। जिसके तहत योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर ही ई केवाईसी कराना होगा। इसके लिए किसान नजदीक जनसेवा केंद्र पर जाकर ईकेवाईसी बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण करा सकेंगे। किसानों के आधार नंबर से लिंक नंबर पर ही ओटीपी आने के बाद ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी होगी। अगर, मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया तो उनकी किस्त अटक सकती है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने बताया कि दो लाख 26 हजार किसानों का खाता लॉक हो गया है। 25 दिसंबर को सम्मान निधि की 10वीं किस्त जारी होगी। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले और पंजीकरण करा रहे किसानों को अब ईकेवाईसी कराना अनिवार्य होगा। इसके बिना किसानों की सम्मान निधि रोकी जा सकती है। इसके तहत किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर अपना बायोमीट्रिक प्रमाण देना होगा। ओटीपी नंबर उनके आधार नंबर से लिंक मोबाइल पर ही आएगा। इसके बाद ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने बताया कि 10वीं किस्त नहीं रुकेगी, लेकिन केवाईसी न कराने पर अप्रैल में आने वाली किस्त रोक दी जाएगी।