जिले में खाद वितरण में लापरवाही बरतने वाले सचिवों पर सख्ती शुरू हो गई है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर एआर सहकारिता राम प्रकाश ने 14 सचिवों को नोटिस जारी किया। समितियों पर एडीओ के माध्यम से नोटिस चस्पा कराया जा रहा है। फिलहाल विभाग वैकल्पिक तरीके से डीएपी का वितरण कराने की कवायद में जुटा है।
जिले में 52 सहकारी समिति हैं। इसमें 48 पूर्ण तरीके से सक्रिय हैं। रबी और खरीफ सीजन में किसानों को इन समितियों के माध्यम से डीएपी, यूरिया का वितरण किया जाता है। धान की कटाई के साथ ही किसान रबी के फसलों की बोआई के लिए डीएपी खरीदना शुरू कर दिए हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से समितियों के सचिव अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कई सचिव लखनऊ में जाकर धरना दे रहे हैं जबकि शेष समर्थन में समिति नहीं खोल रहे हैं। जिससे किसानों को डीएपी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। चेतावनी के बाद भी डीएपी का वितरण शुरू न होने पर विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। डीएपी न वितरण करने पर सहकारी समिति ज्ञानपुर, खमरिया, कीर्तिपुर, अमवां समेत 14 सचिवों को विभाग ने नोटिस जारी किया। सभी को 30 अक्तूबर तक हर हाल में वितरण का निर्देश दिया। विभाग सचिवों की हड़ताल पर भी नजर बनाए हुए है। अगर सचिव हड़ताल नहीं खत्म करेंगे तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डीएपी का वितरण किया जाएगा।
वर्जन
डीएपी वितरण न करने पर 14 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। एडीओ सहाकारिता के माध्यम से समिति पर नोटिस चस्पा कराया जा रहा है। भविष्य में वैकल्पिक व्यवस्था से खाद का वितरण कराया जाएगा।
- राम प्रकाश, एआर सहाकारिता।