ज्ञानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों का पोषण ट्रैकर एप पर चेहरा प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी कराने में लापरवाही बरतने पर डीपीओ दिनेश मिश्रा ने 10 सुपरवाइजर को नोटिस जारी किया है। करीब 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चेतावनी पत्र जारी कर 15 जुलाई तक हर हाल में शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर सभी का मानदेय रोकने का अल्टीमेटम दिया है। अब तक 85 हजार में 54 हजार 971 की ईकेवाईसी हो सकी है। 15 जुलाई तक न होने पर उनका पोषाहार रुक जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों से गर्भवती, धात्री और बच्चों को मिलने वाले पोषाहार की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चेहरा मिलान होने के बाद ही पोषाहार का वितरण होगा। पूर्व में 30 जून तक अंतिम तिथि तय थी, लेकिन अब 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। जिले में 1496 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों से 85,256 गर्भवती, धात्री और बच्चों को पोषाहार का वितरण होता है। अभी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पंजीकृत नाम के आधार पर ही लाभार्थी को योजना का लाभ देती रही हैं। इसमें अक्सर पोषाहार नहीं मिलने की शिकायत सामने आती रही हैं। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए पोषण ट्रैकर एप लॉन्च किया गया है। इसमें बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन होगा। बाद में पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके बाद पुष्टाहार मिलेगा। अब लाभार्थियों की फोटो खींचकर पोषण ट्रैकर पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इसके साथ ही लाभार्थी की ई-केवाईसी भी होगी। शासन ने पहले 30 जून अब 15 जुलाई तक तिथि बढ़ा दी है। उसके बाद नई व्यवस्था से पोषाहार का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
जिले में पोषाहार के लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण और ईकेवाईसी की प्रगति पहले से काफी सुधरी है। अब जिला यूपी के टापटेन में शामिल हो गया है। अब भी 85 हजार 256 में से 54 हजार 971 की ईकेवाईसी हो सकी है। 15 जुलाई तक शत प्रतिशत करना है। लापरवाही बरतने पर 10 सुपरवाइजर को नोटिस जारी किया गया है और 100 कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी गई है। प्रगति बेहतर नहीं हुई तो मानदेय रोका जाएगा।
- दिनेश चंद्र मिश्रा, डीपीओ।