ज्ञानपुर। बाहुबली विधायक विजय मिश्र की पत्नी एमएलसी रामलली मिश्रा और उनके व्यवसायी पुत्र विष्णु मिश्रा के खिलाफ मंगलवार को कुर्की की प्रक्रिया शुरू हो गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित करते हुए हाजिर होने के लिए एक महीने की मोहलत दे दी। रिश्तेदार की संपत्ति हथियाने के आरोप में दोनों लोग फरार चल रहे हैं।
रिश्तेदार के साथ संपत्ति विवाद में फंसे विधायक विजय मिश्र की मुश्किलें बढ़ती ही जा रहीं हैं। गोपीगंज थानाक्षेत्र के धनापुर गांव निवासी विधायक के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने गत चार अगस्त को विधायक, उनकी पत्नी एमएलसी रामलली मिश्रा और पुत्र विष्णु मिश्र पर मकान पर कब्जा करने और अन्य संपत्ति को वसीयत कराने के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में विधायक को मध्य प्रदेश के आगर मालवा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि एमएलसी और उनके पुत्र फरार चल रहे हैं। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए काफी दबिश दी, लेकिन उनका पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में धारा 82 के तहत कार्रवाई के लिए अपील की।
इस पर मंगलवार को कोर्ट ने हाजिर होने के लिए 15 अक्टूबर तक की मोहलत देते हुए दोनों को भगोड़ा घोषित कर नोटिस जारी किया। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा कि धारा 82 के प्रावधान के तहत उद्घोषणा कर दी गई है। निर्धारित अवधि के अंदर अगर अभियुक्तों की हाजिरी न हुई तो कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।