गोपीगंज के एक पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट तेल भरवाते युवक। स्रोत जागरूक पाठक
ज्ञानपुर। जिले में नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान का सोमवार को पहले ही दिन प्रभाव बेहद कम दिखा। खासकर ग्रामीण इलाकों में इसे लेकर लोग लापरवाह नजर आए। पेट्राेल पंपों पर बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया गया।
बिना हेलमेट पेट्रोल लेने वालों में युवाओं की संख्या अधिक रही। जनपद के 80 फीसदी पेट्रोल पंपों आदेश हवा हवाई रहा। जिलापूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 98 पेट्रोल पंप हैं। हेलमेल न लगाने से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए शासन स्तर से प्रदेशभर में सितंबर से नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान की शुरुआत की गई है।
इस साल दूसरी बार यह अभियान शुरू किया गया है। इससेे पहले इसी साल जनवरी में पूरे महीने अभियान चला था। उस समय भी अभियान को लेकर लापरवाही दिखी थी। हालांकि खबर प्रकाशित होने के बाद सख्ती शुरू हो जाती थी।
अब एक बार फिर सोमवार से अभियान शुरू किया गया है लेकिन जिले के पेट्रोल पंपों पर यह अभियान प्रभावी नहीं दिखा। पड़ताल की गई तो ग्रामीण इलाकों में ज्यादा लापरवाही देखी गई। सुभाषनगर, नवधन, गोपीगंज, अमवा, वेदपुर, दुर्गागंज, सुरियावां के पेट्रोप पंपों पर तमाम बाइक सवार बिना हेलमेट के ही पेट्रोल लेते दिखाई दिए।
हालांकि कुछ जगहों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया जा रहा था। जिले की 70 फीसदी पेट्रोल टंकियों पर आदेश का असर नहीं दिखा। इसमें अधिकतर युवा बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों पर पहुंचे थे।