ज्ञानपुर/गोपीगंज। माधोसिंह-प्रयागराज रेलखंड के स्टेशनों व हाल्टों पर पेयजल की सुविधिा ठीक नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
पूर्वोत्तर रेल प्रशासन ने सात दशक पहले प्रत्येक स्टेशन और हाल्ट परिसर में कुओं की स्थापना कराई थी। तीन दशक से स्टेशनों पर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ ही कुओं की उपेक्षा होने लगी। दूसरी तरफ रेल यात्रियाें की प्यास बुझाने के लिए जो आधुनिक संसाधन लगाए गए थे। वे भी देखरेख के अभाव में दिनों दिन जर्जर होने लगे। जिले के 15 स्टेशनों, छह हाल्ट परिसरों में संसाधनों की अनदेखी का खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ता है। रेलवे की ओर से साल में तीन बार स्टेशनों पर संसाधनों की मरम्मत को लेकर सर्वे अभियान चलाया जाता है। इसके बाद भी यह अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित है। स्टेशनों पर पेयजल संसाधनों की कमी यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी रेल मंडल अशोक कुमार ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट प्राप्त कर पेयजल की व्यवस्था ठीक कराई जाएगी।
ज्ञानपुर। माधोसिंह-प्रयागराज रेल खंड पर रेलवे हाल्ट जंगीगंज, सरायजगदीश के प्लेटफार्म नंबर एक पर लगे आधुनिक पेयजल उपकरण छह-सात माह से बंद हैं। ज्ञानपुर रोड स्टेशन के प्लेटाफार्म नंबर पर पेयजल स्टैंड की टोटियां मात्र शोपीस बनी हुई हैं। सेक्शन इंजीनियर कार्य माधोसिंह अनिल यादव ने बताया कि अभी तक दोहरीकरण-विद्युतीकरण कार्य जारी रहने से स्थायी व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वैकल्पिक तौर पर यात्री हित में संसाधनों की कमियां ठीक कराकर चालू करा दिया जाएगा