घोसिया के वार्ड छह में फैली गंदगी। संवाद
जिले में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए 13 हॉटस्पाॅट चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन की ओर से हाॅटस्पाट क्षेत्र में नियमित फॉगिंग और सफाई का दावा किया जाता है। हकीकत में शहरी और ग्रामीण इलाके के हाॅटस्पाॅट में जलभराव और गंदगी है। इससे मच्छर पनप रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों में मलेरिया के सिर्फ चार मरीज है जबकि रोजाना 200 लक्षण वाले मरीजों की जांच हो रही है। वहीं निजी अस्पताल में प्रतिदिन मलेरिया के 60 लक्षण वाले मरीज पहुंच रहे हैं।
जिले में सात नगर निकाय और 546 ग्राम पंचायतें हैं। 20 लाख आबादी है। मच्छरजनित बीमारियों के रोकथाम के लिए एक महीने तक संचारी रोग अभियान चलाया गया। कुछ स्थानों पर फाॅगिंग की गई लेकिन मोढ़, भदोही, घोसियां, गोपीगंज और ज्ञानपुर के 13 हॉटस्पाॅट क्षेत्र में न स्वास्थ्य विभाग के अफसर पहुंचे और न ही टीम। हाॅटस्पाॅट में कागजों में ही फॉगिंग की गई।
शुक्रवार को हमारी टीम ने हाॅटस्पाॅट क्षेत्र की पड़ताल की। घोसिया के वार्ड नंबर छह में गंदगी का अंबार मिला। भदोही नगर के नुरखानपुर मोहल्ले में जलभराव दिखा। गोपीगंज के खरहट्टी मोहाल, सुरियावा के गल्ला मंडी के पास कूड़े के ढेर है। इसी बीच मलेरिया के मच्छर पनपते हैं।
जिले में 47 निजी लैब पंजीकृत है। इसकी 100 से अधिक शाखाएं है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से व्हाट्सएप ग्रुप से केवल मॉनिटरिंग की जाती है। लैब संचालक ग्रुप में क्या रिपोर्ट भेजते हैं, इसकी कभी जांच नहीं की गई। लैब में अप्रशिक्षित जांच कर रहे हैं। जिला अस्पताल समेत 235 सरकारी अस्पतालों में रोजाना औसत 200 से अधिक मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों की जांच होती है।