ज्ञानपुर। मौसम में प्रतिदिन होने वाले उतार-चढ़ाव से वायरल फीवर की दस्तक नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के नौनिहालों पर अपना प्रभाव दिखाने लगा है। आलम यह है कि निजी अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा है तो आर्थिक शोषण से अभिभावकों की कमर टूटती जा रही है।
शुक्रवार को गोपीगंज नगर से सटे पड़ाव मोहाल स्थित एक निजी अस्पताल में अभिभावक अपने नौनिहालों का इलाज कराने के लिए लाइन लगाकर नंबर आने का इंतजार करते नजर आए। नौनिहालों को लेकर प्रयागराज के हंडिया, बरौत, भदोही जिले के कोइरौना, रजमला, दरवांसी, गोधना, त्रिभुवनपुर, सुधवैं, मैलौना, ज्ञानपुर के भिदिउरा, बैदाखास आदि क्षेत्रों से आए रामकृष्ण, उर्मिला देवी, प्रतिमा देवी, नौरंगी देवी ने बताया कि चार दिन के नवजात से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चे उल्टी, दस्त, पेट दर्द, खांसी, ठंड देकर बुखार आने से त्रस्त हैं। एक सप्ताह से दवाएं खिलाई जा रही है लेकिन आराम नहीं मिल रहा है।
जिले में कार्यरत सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाने पर चिकित्सक बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। जंगीगंज बाजार, धनतुलसी-सीतामढ़ी मार्ग, सुभषानगर, गोपीगंज नगर, मिर्जापुर रोड-गोपीगंज तिराहा, माधोसिंह, खमरिया नगर, उगापुर, बाबूसराय, महाराजगंज बाजार, त्रिलोकपुर-औराई, मोढ़, चकसुंदरपुर, पाली, सुरियावां, दुर्गागंज, गड़ौरा, भदोही नगर, जौनपुर-भदोही बाईपास मार्ग आदि क्षेत्रों में निजी अस्पतालों की भरमार है। जहां जाने पर पहले परामर्श शुल्क 150, इमरजेंसी शुल्क 350 रुपये तो शाम के समय 300 रुपये लेकर ही पर्ची दी जाती है। सुबह 10 बजे बैठने वाले चिकित्सकों के इंतजार में भीड़ अधिक हो जा रही है। नौनिहालों को लेकर निजी अस्पताल आने वाले अभिभावक शाम को ही घर पहुंचते हैं। मरीज की हालत नाजुक स्थिति होने से भर्ती करना विवशता बन जाती है। एक रात बीतने पर दूसरे दिन बिना बेड चार्ज लिए उन्हें नहीं रहने दिया जाता। दो-चार दिनों में राहत मिलती है तो ठीक नहीं तो बेबाक तौर पर अस्पताल से निकलने की नसीहत दे दी जाती है कि अपने मरीज को अन्यत्र दिखाएं।
सीएमओ डॉ.लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जिले में कुल तीन बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। इसमें आरपी गुप्ता जिला अस्पताल, डॉ.सुरेंद्र कुमार एमबीएस अस्पताल भदोही और डॉ.एके पांडेय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज की जिम्मेदारी है। जहां आने वाले नौनिहालों का इलाज किया जाता है।