सौ शय्या अस्पताल के बर्न यूनिट में खाली पड़ा बेड। संवाद
ज्ञानपुर। सरपतहां के सौ शय्या अस्पताल परिसर में जिले का इकलौता बर्न यूनिट कागजों में संचालित हो रहा है। यहां की व्यवस्था कागजों में दुरुस्त है, जबकि धरातल पर न डॉक्टर न कर्मचारी रहते हैं। यहां खाली कुर्सियां और गंदगी है। लेकिन दावे में सब ठीक है और कोई कमी नहीं है।
यूनिट के वार्ड को छोड़कर परिसर में गंदगी मिली। सफाई न होने से रजिस्ट्रेशन कक्ष के टेबल पर धूल जमी थी। संचालन शुरू होने के तीन साल बाद भी स्थायी तौर पर चिकित्सकों और कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी है।
हमारी टीम ने शुक्रवार सुबह 11 बजे 13 बेड के बर्न यूनिट का निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक वहां रहने के दौरान न तो कोई डॉक्टर पहुंचा और न ही कोई कर्मी। मौके पर कोई मरीज भी नहीं मिला। रजिस्ट्रेशन और कार्यालय कक्ष में कुर्सियां खाली पड़ी थीं। रजिस्ट्रेशन कक्ष के टेबल पर धूल-मिट्टी जमी थी। वहां कीलें बिखरी पड़ी थीं और प्लास्टिक का ग्लास रखा था। अन्य कक्ष का दरवाजा बंद मिला। शौचालय भी बदहाल था।
यहां कभी-कभार ही बर्न केस पहुंचते हैं। जबकि सौ शय्या अस्पताल के दो नर्स, एक पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी रोस्टरवार लगाई गई है, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं दिखे। बताते चलें कि तीन साल पूर्व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निर्देश पर यूनिट का संचालन शुरू किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने यूनिट शुरू तो कर दिया, लेकिन कर्मियों की कमी दूर करने के साथ ही व्यवस्था भी बेहतर नहीं हो सकी। इससे पीड़ित यहां आने के बजाय निजी अस्पतालों में जाते हैं।