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लापरवाही : जिला अस्पताल में 10 बजे तक 18 में से आठ डॉक्टर थे नदारद

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ज्ञानपुर। दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने वाला महराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में डॉक्टर समय पर नहीं आ रहे हैं।
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शनिवार को अमर उजाला की टीम अस्पताल में सुबह 9.30 बजे पहुंची। जहां देखा 10 बजे तक 18 में से आठ डॉक्टर ओपीडी में नहीं थे। डीएम शैलेश कुमार की सख्त हिदायत के बाद भी डाॅक्टरों के ड्यूटी प्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है।
ओपीडी में मरीजों की कतार लगी है, लेकिन डॉक्टरों का केबिन या तो बंद मिला या फिर खाली था। मरीजों को बताने वाला भी कोई नहीं है। मरीज कुर्सी, फर्श पर बैठकर डॉक्टर के इंतजार करते दिखे। कोई दर्द से कहर रहा था, किसी को अल्ट्रासाउंड कराने का इंतजार था।
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जो डॉक्टर उपस्थित रहे, वे ओपीडी में हाजिरी लगाने के बाद नदारद दिखे। टीम 10.10 तक ओपीडी कक्ष में रही। लेकिन आठ डॉक्टर गायब रहे। नेत्र सर्जन डॉ. पीके सिंह मौजूद रहे। वहीं प्रथम मंजिला पर डॉ. सुरेंद्र बिंद, डॉ. अरविंद प्रताप, डॉ. विवेक सिंह सहित महिला डॉक्टर दिखे।
जब टीम जब ओपीडी भवन से निकल रही थी तो डॉ. प्रदीप यादव पहुंचे। मरीजों ने बताया कि डॉक्टरों का यह रोज का हाल है। समय से ओपीडी में नहीं पहुंचते हैं।
डीएम ने गत महीने अस्पताल का निरीक्षण किया था तो सख्त लहजे हिदायत दी थी कि डॉक्टर समय से ओपीडी में बैठे, मरीजों को उपचार कराने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। समय से अस्पताल न आने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिर भी कार्य प्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। बिचौलिए घूमते दिखे : जिला अस्पताल में भले ही डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी के आने में लेटलतीफ होता है। लेकिन बिचौलिए टाइम पर रहते हैं।
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शनिवार को अस्पताल में आठ डॉक्टर 10 बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचे, लेकिन बिचौलिए केविन के सामने गश्त लगाते देखे गए। मरीज को दिलासा देते रहे डॉक्टर साहब पांच मिनट में आ रहे हैं।
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