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मां कात्यायनी के दर्शन कर भक्त निहाल

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ज्ञानपुर। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को देवी मंदिरों में सुख-समृद्धि की प्रतीक मां कात्यायनी देवी का विधि-विधान से पूजन अर्चन किया गया। देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु मां के दर्शन कर निहाल होते रहे। साथ ही सुख समृद्धि व सुखी दांपत्य जीवन की कामना की।वहीं दूसरी ओर जगह-जगह स्थापित देवी पंडालो में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। ज्ञानपुर के पुरानी बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र के अंदर मां की भव्य प्रतिमा आकर्षण का केद्र बनी है।
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शारदीय नवरात्र में नगर क्षेत्र के लेकर ग्रामीण अंचल तक मां दुर्गा के रंग में रंग चुका है। चहुंओर मातारानी के दर्शन-पूजन की धूम मची है। शुक्रवार को देवी मंदिरों में सुबह से ही मां के छठें स्वरूप मां कात्यायनी के दर्शन के लिए कतार लग गई। विशेषकर महिलाएं और युवतियों की अधिकता दिख रही है। भक्त जन दर्शन- पूजन के साथ रामचरित मानस एवं शक्ति की पाठ आदि भी करते देखे जा रहे हैं। उधर दुर्गा पंडालों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शाम ढलते ही पंडालों में लोगों के पहुंचने का शुरू हो जा रहा सिलसिला देर रात तक जारी रहता है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर बज रहे देवी भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो चुका है। नगर के हरिहरनाथ मंदिर, घोपइला माता मंदिर आदि स्थानों पर दर्शन- पूजन करने का सिलसिला भोर से ही शुरू हो जा रहा है तो देर रात तक चल रहा है। महिलाएं गीतों के जरिए देवी स्तुति कर रही हैं। पुराणों के अनुसार आदि शक्ति के छठें स्वरूप कात्यायनी की विधि- विधान से पूजा अर्चन करने से भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है। दांपत्य जीवन सुखी रहता है। कात्यायनी ऋषि घोर तप कर आदि शक्ति को प्रसन्न करते हुए उन्हें अपनी पुत्री के रूप में मांगते हैं, जबकि देवी को अजन्मा माना जाता है। ऋषि की तपस्या से प्रसन्न माता उनके कुल में जन्म लेती है, इसी से इनका नाम कात्यायनी देवी पड़ा। जो सच्चे हृदय से माता की पूजा व जागरण करता है माता की कृपा दृष्टि उस बनी रहती है।
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