ज्ञानपुर। मूसलाधार बारिश के एक सप्ताह बाद भी लोगों को जलजमाव से राहत नहीं मिल सकी। बृहस्पतिवार की रात और शुक्रवार दिन में सीलन और जलजमाव से 50 से अधिक कच्चे घर जमींदोज हो गए। इससे घरों में रखा हजारों का सामान दबकर नष्ट हो गया। बेघर परिवार अब रहने के लिए छत और खाने के लिए राशन तक को तरस रहे हैं। जलमग्न सड़कों से ही बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं।
बारिश के बाद जलजमाव और सीलन से ज्ञानपुर के भिदिउरा गांव में बुलबुल देवी शर्मा, डीघ के रामकिशुनपुर बसहीं निवासी लक्ष्मण प्रसाद बिंद, राधेश्याम मौर्य, रामप्यारे यादव, केदारपुर निवासी राजितराम यादव, जटाशंकर यादव, रामप्रताप यादव, हरिप्रताप,कमला शंकर, जगदीश नारायण मिश्र, कन्हैयालाल प्रजापति, सुरियावां क्षेत्र के कंचनपुर निवासी प्रेम पांडेय, कस्तूरीपुर के दलित बस्ती निवासी छांगुरराम, लालजी गौतम, शोभनाथ कहार का रिहायशी कच्चा घर गिर जाने गृहस्थी के साथ पशु चारा, अनाज, बर्तन, बिस्तर आदि मलबे में दबकर खराब हो गए। डीघ के दरवांसी व रामकिशनपुर-बसहीं गांव में आधा दर्जन से अधिक विधवाओं का रिहायशी घर गिरने से उनका गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। दरवांसी की सैरुला बेगम, हसन बेगम, बसहीं की दुखना देवी ने बताया कि पति की मौत के बाद ग्राम प्रधान की ओर से उन्हें आवास नहीं मिल पाया था। कच्चे घर में ही जीवन-यापन भी दुश्वार हो उठा। मजदूरी आदि कर जुटाए गए अनाज आदि गृहस्थी के सामान मलबे में दबकर नष्ट हो जाने से उनके समक्ष समस्या खड़ी हो गई। इसी तरह दरवांसी पासी बस्ती निवासी सुरेश पासी, मुस्लिम बस्ती की बबली बेगम, शिव कुमार, राजकुमार के कच्चे घर गिरने से अफरातफरी मची रही। बेघर हुए परिवारों ने जिलाधिकारी से स्थलीय निरीक्षण कराकर आवास और क्षतिपूर्ति की मांग की गई। कूबीहरदोपट्टी में गुलाबधर विश्वकर्मा, रामराज यादव, मुरलीधर यादव, गुलाबचंद्र, कमला शंकर, मोहनपुर मे संजय चौबे आदि का मकान जलजमाव और सीलन से ढह जाने से काफी क्षति पहुंची है। तिल्ली, बाजरा, उर्द, भदैला, अरहर आदि की फसलें डूब कर नष्ट हो गई हैं और दुर्गंध से जीना मुश्किल हो चुका है। जलभराव के कारण चारों तरफ की सडकें कट जाने से आवागमन भी ठप है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य लालता प्रसाद चौबे ने जिला प्रशासन एवं पीडब्ल्यूडी से कटी हुई सडकों पर पुलिया डलवा कर आवागमन सुचारू रूप से चलाने की मांग की। लालसाहब यादव, जनार्दन ओझा, इंद्रपाल सिंह , गणेशचन्द्र पाल, मुन्नन दूबे, रमेशचंद्र सरोज प्रधान, राकेश चौबे, चिंतामणि यादव, रविकांत बिंद प्रधान, राजेंद्र मौर्य, कमलेश मौर्य, ताराशंकर शर्मा राहत दिलाने की मांग जिलाधिकारी से मांग की।
मोरवा नदी का पानी ढा रहा कहर
जंगीगंज। डीघ के सीमावर्ती गांव भीटी से होकर भदोही के बयांव, पिलखुना, रमईपुर, दशरथपुर, कुरमैचा, ऊंज ताल से होकर बहने वाली मोरवा नदी की सफाई न होने से बारिश का पानी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। करीब पांच सौ एकड़ खेतों में रोपी गई धान की फसल पानी में सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। रामचंद्र पांडेय, राधेकृष्ण मिश्र, राजनरायन पांडेय, देवेंद्र कुमार पांडेय ने प्रशासन से निरीक्षण कराकर मुआवजा की गुहार लगाई है। इसी तरह विश्वनाथपुर, मुंगरी, सोबरी, कूबी हरदोपट्टी, चौरहटा, मोहनपुर, भानपुर, दशरथपुर, बयांव, पूरेनगरी, पूरेमटुका, चकसारनाथ, पिलखुना, रमईपुर, बरईपुर, बनकटखास ताल ओदरा एवं ताल पिलखुना, ताल सोबरी समेत अन्य गांवों के हालात जलजमाव से खराब हो चुके हैं।