ज्ञानपुर। सुन ल अरजिया हमार, हे छठी मैया...के गीत गाकर मंगलवार से सूर्योपासना का महापर्व कार्तिक छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय से शुरू होगा। पहले दिन छठ व्रती महिलाएं गंगा में स्नान करेंगी। इसके बाद लोहंडा खरना पर पूरे दिन उपवास कर शाम में सूर्य देव की पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगी। बृहस्पतिवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर आयु-आरोग्यता, यश, संपदा का आशीष लेते हुए पर्व का समापन होगा। खरना कार्तिक शुक्ल पंचमी तिथि बुधवार को सर्वार्थ सिद्ध योग में होगा। व्रत का समापन धनिष्ठा नक्षत्र में होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पर्व में सूर्योपासना से छठी माता प्रसन्न होती हैं। परिवार में सुख, शांति और धन-धान्य से परिपूर्ण करती हैं। सूर्य देव के प्रिय तिथि पर पूजा, अनुष्ठान से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। इनकी उपासना से रोग, कष्ट, शत्रु का नाश, सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सुजातपुर निवासी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि धृति योग, जयद योग और रवि योग में व्रती नहाय-खाय करेंगे। इस दिन गंगा में स्नान कर पवित्रता से तैयार प्रसाद स्वरूप अरवा चावल, चना दाल, कद्दू की सब्जी, आंवले की चटनी ग्रहण कर अनुष्ठान आरंभ करेंगे। इस दिन गेहूं को गंगाजल से धोने के बाद सूखाया जाएगा। गेहूं में कोई पक्षी, कीड़े का स्पर्श न हो, इसके लिए व्रती व स्वजन पारंपरिक गीत गाते हुए रखवाली करेंगे।
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महिलाओं ने की खरीदारी, खूब बिके डलिया और दउरी
चार दिवसीय छठ पर्व की तैयारी शुरू हो गई है। महंगाई के बावजूद छठ पूजा की खरीदारी में किसी प्रकार की कमी नहीं देखी जा रही है। छठ पूजा से संबंधित जैसे सूप, डाला, फल, पूजन सामाग्री इत्यादी से बाजार पट गया है। व्रती या इनके परिवार वालों की ओर से छठ पर्व के लिए जरूरी सामानों की खरीदारी की जा रही है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में सभी सामानों के कीमतों में इजाफा हुआ है। शहर हो या ग्रामीण सभी जगह दुकानें लग गई हैं। महिलाएं सूप, बड़ा डाला, छोटा डाला, पंखा के साथ फलों में नारियल, गागर, नींबू, अनार, केला, घौर, ईंख और सेब आदि की खूब बिक्री हो रही है। -
इन घाटों पर होंगे व्रत, चला साफ-सफाई का दौर
जिले में रामपुर, सीतामढ़ी, डेरवा समेत करीब 12 गंगा घाटों के अलावा ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, नईबाजार, खमरिया और घोसिया जैसे इलाकों में तालाब और जलाशयों के किनारे महापर्व का आयोजन होगा। घाटों पर सोमवार को दिनभर साफ-सफाई का दौर चला। स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ नगर, ग्राम प्रशासन ने साफ-सफाई कराने और घाटों को चमकाने में जुटा रहा।
एक नजर में छठ महापर्व
नहाय-खाय : मंगलवार- 5 नवंबर
खरना : बुधवार : 6 नवंबर
संध्या अर्घ्य : बृहस्पवितार: 7 नवंबर
प्रातः अर्घ्य : शुक्रवार : 8 नवंबर
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हरियाणा के छठ महोत्सव में शामिल होंगे गायक राजेश
जिले के लोकगायक राजेश परदेशी सात नवंबर को हरियाणा की धरती पर होने वाले छठ महोत्सव में अपनी आवाज का जादू बिखरेंगे। हरियाणा से मिले आमंत्रण के बाद कहा कि पूर्वांचल के मिट्टी की खुशबू और इसकी गायकी को हरियाणा में राज्य में बिखरने का प्रयास करेंगे। बताया कि इस बार उन्होंने अनघन से भर दिहलू घरवा आंगनवा ये छठ मईया, तोहरे कृपा से खेले गोदी मे ललनवा ये छठ मईया..गीत गाया है, जो लोगों को काफी पसंद आ रहा है। लोक गायक राजेश परदेशी लोक गीतों के साथ लोगों में जागरूकता लाने वाले गीतों को भी गाते हैं।