नगर के मिश्रानी में रविवार रात जश्ने कुरान-ओ-हदीस कांफ्रेंस में मौलाना फारुख खां ने मुसलमानों को जेहालत छोड़ कर तरक्की में दिलचस्पी लेने की नसीहत दी। कहा कि इससे उनके ईमान में ताजगी आएी। वहीं शायरों ने नबी की शान में कलाम भी पेश किए।
मौलाना ने प्रोजेक्टर के माध्यम से इस्लाम के नाम पर भ्रमित कर रहे ढोंगी उलेमा से दूर रहने की नसीहत दी। कहा कि खुद ईमान खो चुके गु स्ताखे रसूल अन्य को भ्रमित कर रहे हैं। मुस्लिमों की शैक्षिक स्तर पर चिंता जताई, कहा कि मुसलमानों के रहबर ही उनके हालात को बदलना नहीं चाहते। तरक्की के लिए मुसलमानों को जेहालत (अशिक्षा) पीछे छोड़ना होगा। मौलाना मुसलमानों को आखिरत में कामयाबी के लिए रसूले पाक से मोहब्बत एक मात्र रास्ता बताया। कहा कि मुसलमानों को हर हाल में ईमान को सलामत रखना है।
निजामत मौलाना अलीहुसैन,सदारत मौलाना अलीअख्तर मिस्बाही, आगाज हाफिज आफताब ने तिलावते कुरान से किया। इस मौके पर हाफिज कमरूज्जमा, हाफिज सलाहुद्दीन, बाबू भाई, कासिम नदीमी, मुमताज अहमद, हाजी याहिया, हाजी कयूम, हाजी मजीद,अब्दुल हकीम, इकबाल, कमाल, अहमद, हाजी अन्नू अली आदि रहे।