किसानों और मजदूरों ने केेंद्र और प्रदेश सरकार को किसान-मजदूर विरोधी बताते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट पर अपनी आवाज बुलंद की। यह आवाज भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, लाल झंडा बीड़ी कामगार संगठन के बैनर तले की गई। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपा गया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान, खेत, मजदूर विरोधी नीतियों के चलते सभी का भविष्य संकट में है। बेमौसम बारिश और सूखे के कारण रबी और खरीफ की फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे पैदावार में 70 फीसदी कमी आई है। आपदा के कारण प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन सरकारें सिर्फ आश्वासन देकर चुप हो जा रहीं। किसान मजदूर अब इसे बर्दाश्त नहीं करेेेेंगे।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में मनरेगा कानूनो के सभी प्राविधानों को पूरी तरह से लागू करने, मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकने, मजदूरों को प्रतिदिन 400 मजदूरी, जाबकार्ड धारकों को मजदूरी की व्यवस्था, बेमौसम बारिश से बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर 50 हजार प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने सहित 11 मांगों को पूर्ण कराने की मांग की।
इस मौके पर सुशील कुमार श्रीवास्तव, इजहार खां, राजेंद्र पटेल, भुलाल पाल, ओम प्रकाश, शिव कुमार यादव, राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, असलम हाशमी, सिद्धनाथ राजभर, रामफेरन गिरी, सायरा बानो, साबीरा बेगम, श्रवण कुमार गौतम सहित कई लोग मौजूद रहे।