गोपीगंज दुर्गा मंदिर पर मां का आराधना करती श्रद्धालु। संवाद
ज्ञानपुर। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा देवी का पूजन विधि विधान किया गया। घरों से मंदिरों मां का शृंगार किया गया। देवी मां को खीर का भोग लगाया गया। भोर से रात तक देवी के दर्शन के लिए भक्त आते रहे।
दर्शन पूजन करके लोगों ने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने घरों में मां का पचरा गाया। ज्ञानपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में विराजमान मां काली, मां संतोषी देवी, ज्ञानपुर के पुरानी बाजार भुडुकी स्थित माता घोपईला मंदिर, गोपीगंज के प्राचीन दुर्गा मंदिर, औराई में मां शारदा मंदिर, सीतामढ़ी, जंगीगंज, दुर्गाागंज, वहिदानगर, ऊंज, सुरियावां, भदोही, चौरी, नई बाजार स्थित शीतला माता मंदिर में देर रात तक भक्त दर्शन के लिए आते रहे।
हरिहरनाथ मंदिर के पुजारी पं. आशीष मिश्रा ने बताया कि लगभग 20 हजार भक्तों ने माता का दर्शन-पूजन किया। भिदिऊरा के आचार्य गणेश पांडेय ने बताया कि मां के तृतीय स्वरूप चंद्रघंटा के पूजन से शांति, साहस और कल्याण की प्राप्ति होती है।