पिछैती गेहूं का उत्पादन पांच फीसदी होगा कम
बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बारिश के कारण पिछैती गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। अब उसकी उत्पादन क्षमता पांच फीसदी कम हो सकती है। यानि 100 किलो में पांच किलो पैदावार कम होगा।
इन क्षेत्रों में तेज हुई बारिश
ज्ञानपुर, ऊंज, कुरमैचा, हॉस्टल चौराहा, चकटोडर, जोरई, भुडुकी, भिदिऊरा आदि स्थानों पर रात में तेज बारिश हुई है।
यहां हुई सिर्फ बूंदाबांदी
सुंदरवन कटेवना सहित जनपद के कई क्षेत्रों में सिर्फ 20 मिनट तक बूंदाबांदी हुई है। कई स्थानों पर सड़कों पर बरसात का पानी भी जमा हो गया। कीचड़ से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई है।
बीते सालों में मार्च में हुई बारिश
2023 - 6.2 मिमी
2024 - 3.1 मिमी
2025 - 2.9 मिमी
2026 - 7.8 मिमी
नोट : आंकड़े मौसम विभाग से लिए गए हैं।
अब बारिश हुई तो होगा ये नुकसान
- गेहूं की फसल गिर सकती है
- सरसों की मड़ाई ठप हो सकती है
- अरहर के पौधों के फूल गिर सकते हैं
- आम के पेड़ से बौर छड़ सकते हैं
- प्याज की फसल सड़ सकती है