सरकार की नीतियों से नाराज मनरेगा कर्मियों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही अपना मांगपत्र बीडीओ को सौंपा। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे सरकार पूरी नहीं होंगी तब तक विरोध जारी रहेगा।
इस दौरान गोपीगंज स्थित ज्ञानपुर ब्लाक और अभोली ब्लाक परिसर में जुटे कर्मियों ने 10 सूत्री मांगों को पूरा कराने के लिए एकजुटता दिखाई। कहा कि वह प्रशासन के साथ हर परिस्थितियों में साथ निभाकर बेरोजगारों को रोजगार देने का काम करते हैं लेकिन सरकार उनको अधिकार से वंचित कर रही है। कहा कि जेम पोर्टल, सेवा प्रदाता के माध्यम से काम कराना चाहती है तो बिना पदों के सृजन किए ही जेम पोर्टल से नियुक्ति और प्रशासनिक मदद से सेवा प्रदाता को भुगतान तत्काल प्रभाव से भुगतान बंद किया जाए। मनरेगा कार्मिकों के खाली पड़े पदों को सृजित कर नियुक्तियां की जाए, पहले से नियुक्त कर्मियों को अप्रैल 2014 से इपीएफ नियोक्ता अंश दिया जाए, सामाजिक सुरक्षा सेवा संबंधी मानव संसाधन नीति बनाई जाए, मानदेय में बढ़ोत्तरी की जाए, संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर को योग्यता आधारित समायोजन किया जाए, जांच के नाम पर उत्पीड़न न किया जाए।