जांच में पता चला कि विधायक के रिश्तेदार प्रदीप शुक्ला के नाम से 15 हजार घन मीटर बालू डंप करने की अनुज्ञा जारी है, लेकिन वहां इससे काफी ज्यादा बालू रखा गया है। साथ ही निर्धारित से ज्यादा जमीन के रकबे का उपयोग बालू रखने में किया गया है। जिस जमीन पर बालू रखा गया है, वह और उसके आसपास की लगभग 18 बीघे जमीन 31 लोगों के नाम पट्टा की गई थी। इनमें से आठ लोगों को अब तक कब्जा भी नहीं मिला है।
हालांकि उनमें से किसी ने इस बात की शिकायत या आपत्ति भी दर्ज नहीं कराई। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद को भेजी गई। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने बालू को सीज कराते हुए पुलिस की सुपुर्दगी में देने का निर्देश दिया। कहा कि अनुज्ञा में निर्धारित मानक से अधिक बालू डंप करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। जरूरत के मुताबिक पेनाल्टी या अन्य कार्रवाई की जाएगी।