ज्ञानपुर। नगर पंचायत में 1.78 करोड़ की लागत से हरिहरनाथ मंदिर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य में घालमेल चल रहा है। नगर में अधूरे कार्य का ही 20 जुलाई को लोकार्पण करके विधायक और चेयरमैन के नाम का बोर्ड लगाया दिया गया है, जबकि मंदिर में अभी भी कई काम अधूरे हैं। निर्माण कार्य में लागत की अपेक्षा हुए कार्यों में खर्च को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
जिले में मातृ वंदन योजना के तहत दो नगर पंचायतों में तालाब व मंदिरों के जीर्णोद्धार की स्वीकृति मिली थी। जिसमें ज्ञानपुर नगर पंचायत के सिद्धपीठ हरिहरनाथ मंदिर में एक करोड़ 78 लाख की लागत से सुंदरीकरण को लेकर तमाम कार्य कराए गए थे। जिसमें मंदिर व तालाब सुंदरीरकरण में कुल 15 बिंदुओं पर काम कराया जाना है। नगर पंचायत की ओर से दावा किया जा रहा है कि अब तक 80 फीसदी काम कर लिया गया है, लेकिन अब तक सरोवर पर बैठने के कुछ बेंच, उसके ऊपर टीन शेड व करीब 100 मीटर तक स्टील की बैरिकेडिंग के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं हो सका है।
इससे भी अधिक मजे की बात यह है कि यहां पर काम अब भी अधूरा है और 20 जुलाई को ही यहां लोकार्पण का शिलापट्ट लगा दिया गया। नगर के एक सभासद ने बताया कि बीते साल ज्ञान सरोवर की सीढि़यों के मरम्मत का कार्य कराया गया था। जिसका बजट पिछले कार्यकाल में ही पास हुआ था, लेकिन वंदन योजना में ही उसे भी शामिल किया गया है।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura