ज्ञानपुर। जिले में नाबालिग ई-रिक्शा चला रहे हैं। इससे जाम लगता है। इसके अलावा नाबालिगों के कारण दुर्घटनाएं भी होती हैं। तिराहे-चौराहे पर खड़े ई-रिक्शा चालकों पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यातायात विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में लगभग 550 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जिले में बेतहाशा बढ़ते ई-रिक्शा लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। आड़े-तिरछे पार्किंग के अलावा नाबालिग और अनट्रेंड युवाओं के ई-रिक्शा चलाने के कारण अक्सर जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर गोपीगंज और भदोही नगर में सबसे अधिक यह समस्या देखने को मिलती है।
गोपीगंज का खड़हट्टी महाल, मिर्जापुर रोड, गल्ला मंडी के अलावा भदोही में इंदिरा मिल चौराहा, स्टेशन रोड और लिप्पन तिराहा जैसे इलाके जाम के झाम में फंसे रहते हैं। यातायात विभाग की ओर से यातायात नियमों के उल्लंघन पर हर दिन 150 से 200 वाहनों का चालान काटता है, लेकिन इसमें एक भी ई-रिक्शा चालक नहीं होता है। इस महीने में भी अब तक 1045 वाहनों का चालान कट चुका है। जिसमें 90 फीसदी दो पहिया वाहन हैं, लेकिन ई-रिक्शा पर कार्रवाई नहीं होती है।
2023 में हुआ था सत्यापन, 87 नाबालिग मिले
जिले में लगातार बढ़ रहे ई-रिक्शा चालकों को देखते हुए यातायात विभाग की टीम ने दिसंबर 2023 में 485 ई-रिक्शा का सत्यापन किया था। उस समय 87 नाबालिग ई-रिक्शा चलाते हुए मिले थे। वहीं गैर पंजीकृत व बिना नंबर के 50 ई-रिक्शा मिले थे। उस समय यातायात विभाग ने परिजनों को इसकी सूचना दी और आगे से ई-रिक्शा न चलाने की हिदायत दी गई। इसके बाद भी नाबालिगों ई-रिक्शा चला रहे हैं।
हो चुकी हैं दुर्घटनाएं
नाबालिग व अप्रशिक्षित चालकों के कारण 22 जून 2026 को गोड़ापार बनझुलाई जंगल के पास बोलेरो की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गई। जिसमें सवार पति-पत्नी मुकेश पटेल और संजू देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी तरह 31 मई 2024 को ई-रिक्शा दुर्गागंज-भदोही मार्ग पर नेवादा के पास पलट गया। जिसमें चालक के साथ दो लोग घायल हो गए।
आंकड़ों पर नजर
पंजीकृत ई-रिक्शा - 550 करीब
सत्यापन - 485 (2023 में)
चालान दो पहिया व चार पहिया - 1045 (इस माह अब तक)
ई-रिक्शा पर कार्रवाई - 0
क्या बोले लोग
शहर में ई-रिक्शा बढ़ गए हैं। ऊपर से नाबालिगों व प्रशिक्षितों के चलाने से दुर्घटना और जाम की समस्या है। इसे रोकना चाहिए। - विजय चन्द्र गुप्ता, पूर्व सभासद, गोपीगंज।
ई-रिक्शा चालकों के कारण शहर में जाम लगता है। कई नाबालिग होते हैं, जिन्हें यातायात नियमों की जानकारी नहीं होती। जिससे हादसे की आशंका रहती है। - अरविंद मौर्या, मर्यादपट्टी।
ई-रिक्शा को लेकर भी अभियान चलाया जाता है। अगर नाबालिग दिखता है तो सीधे उसका वाहन जब्त कर लिया जाएगा। जल्द ही इसको लेकर अभियान भी चलाया जाएगा। - राकेश सिंह, यातायात प्रभारी।