धरना मे हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के नाम पर पार्टियां वोट मांग रही है लेकिन यहां मनरेगा मजदूरों की बदहाली बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शन करने वालों ने खंड विकासी अधिकारी मीनाक्षी को ज्ञापन सौप कर धरना समाप्त किया।
धरना में भाकपा माले के जिला सचिव रामजीत यादव ने कहा की नई पंचायत व्यवस्था गठित होने के बाद भी अब तक मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है।
सरकारें मनरेगा मजदूरों के नाम पर राजनीति कर रही हैं जबकि मजदूर बेरोजगार हैं। पूर्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा की जो सही में मजदूर हैं उनका शोषण हो रहा है जबकि मस्टर रोल पर फर्जी लोगों के नाम दर्ज कर धन की बंदरबांट की जा रही है।
सभा में खाद्यान्न वितरण के नाम पर भी गरीबों को छले जाने की बात कही गई। आंदोलन के दौरान खंड विकास अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मजदूरों ने मनरेगा और बीपीएल सूची में गडबडी करने वालों की जांच करा कर दोषियो को दण्डित करने की मांग की गई।
इस दौरान भाजपा और सपा दोनो को आड़े हाथों लिया गया। मुख्य रुप से विनोद उपाध्याय, बनारसी सोनकर, डिबूला देवी, जगरनाथ, लालमनी सरोज, दिनेश गौतम, दिनेश पाल, सुशीला गौतम, प्रकाश दूबे आदि मौजूद रहे।